मध्य प्रदेश

हाईवे पर चेकिंग कर रहे पुलिस कांस्टेबल को लोडिंग वाहन ने कुचला, दर्दनाक मौत

Kavita2
22 Oct 2026 4:35 PM IST
हाईवे पर चेकिंग कर रहे पुलिस कांस्टेबल को लोडिंग वाहन ने कुचला, दर्दनाक मौत
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मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां नियमित वाहन चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने पुलिस कांस्टेबल ओमप्रकाश तिवारी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर कर दिया गया। हालांकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू किया और करीब 12 किलोमीटर दूर नूराबाद के पास चालक को वाहन सहित पकड़ लिया। मृतक कांस्टेबल सिविल लाइंस थाने में पदस्थ थे। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।

नेशनल हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान हादसा

जानकारी के अनुसार, मुरैना के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार शाम पुलिस टीम नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी।

पुलिसकर्मी नेशनल हाईवे-44 पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर दस्तावेजों और यातायात नियमों की जांच कर रहे थे।

इसी दौरान कांस्टेबल ओमप्रकाश तिवारी सड़क पर एक बाइक सवार को रुकने का इशारा कर रहे थे।

तभी मुरैना की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक लोडिंग वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उनकी सहायता के लिए पहुंचे।

बाइक सवार को रोकने का कर रहे थे प्रयास

सिविल लाइंस थाना प्रभारी उदयभान यादव के अनुसार, पुलिस टीम एक स्थान पर दबिश देने के बाद वापस लौटी थी।

इसके बाद टीम ने नियमित रूप से हाईवे पर वाहन चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान कांस्टेबल ओमप्रकाश तिवारी एक बाइक सवार को रोकने का प्रयास कर रहे थे।

इसी समय तेज रफ्तार लोडिंग वाहन वहां पहुंचा और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

घटना इतनी अचानक हुई कि कांस्टेबल को संभलने का मौका नहीं मिला।

अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत

हादसे के बाद साथी पुलिसकर्मियों ने घायल कांस्टेबल को तत्काल मुरैना जिला अस्पताल पहुंचाया।

वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी।

चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया।

इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें लेकर ग्वालियर रवाना हुए।

चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए जाने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मीडिया रिपोर्टों में मृत्यु के स्थान को लेकर थोड़ा अंतर है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हुई, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में ग्वालियर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने की जानकारी दी गई है।

टक्कर मारकर फरार हुआ चालक

कांस्टेबल को टक्कर मारने के बाद लोडिंग वाहन चालक घटनास्थल पर नहीं रुका।

आरोप है कि वह वाहन लेकर तेजी से हाईवे की ओर भाग निकला।

घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

इसके बाद आरोपी वाहन की तलाश शुरू की गई।

पुलिस ने फरार चालक को पकड़ने के लिए हाईवे पर पीछा किया। इस दौरान वाहन के भागने की दिशा के आधार पर पुलिस टीम आगे बढ़ती रही।

आखिरकार नूराबाद के पास चालक को पकड़ने में सफलता मिली।

12 किलोमीटर पीछा कर आरोपी को पकड़ा

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद थाना प्रभारी उदयभान यादव ने अपनी टीम के साथ फरार वाहन का पीछा किया।

करीब 12 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने नूराबाद क्षेत्र में लोडिंग वाहन को रोक लिया।

इसके बाद चालक को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस ने हादसे में शामिल वाहन को भी अपने कब्जे में लिया है।

बताया जा रहा है कि वाहन में सब्जियां भरी हुई थीं।

पुलिस अब चालक से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।

उत्तर प्रदेश नंबर का था लोडिंग वाहन

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दुर्घटना में शामिल लोडिंग वाहन उत्तर प्रदेश में पंजीकृत था।

एक रिपोर्ट में वाहन का नंबर यूपी-80 एचपी-5447 बताया गया है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में नंबर के अक्षरों में अंतर सामने आया है।

ऐसे में वाहन की सटीक पंजीकरण संख्या की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

पुलिस वाहन के दस्तावेजों और चालक से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है।

हादसे के समय वाहन की रफ्तार कितनी थी और चालक ने कांस्टेबल को देखकर वाहन रोकने का प्रयास किया था या नहीं, यह जांच में स्पष्ट होगा।

सेना में भी सेवाएं दे चुके थे ओमप्रकाश तिवारी

दिवंगत कांस्टेबल ओमप्रकाश तिवारी के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती होने से पहले उन्होंने लगभग 17 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवाएं दी थीं।

इसके बाद वह मध्य प्रदेश पुलिस में शामिल हुए और पिछले करीब सात वर्षों से जिला पुलिस बल में कार्यरत थे।

वर्तमान में उनकी पदस्थापना मुरैना के सिविल लाइंस थाने में थी।

ड्यूटी के दौरान हुए इस हादसे में उनकी मृत्यु से पुलिस विभाग को एक अनुभवी कर्मचारी खोना पड़ा है।

छौंदा टोल प्लाजा के पास हुआ हादसा

हादसा नेशनल हाईवे-44 पर छौंदा टोल प्लाजा के आसपास होने की जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम करीब छह बजे पुलिस टीम ने वाहन चेकिंग शुरू की थी।

इसके लगभग आधे घंटे बाद दुर्घटना हुई।

बताया गया कि कांस्टेबल एक बाइक पर सवार तीन युवकों को रोकने का प्रयास कर रहे थे।

इसी दौरान वह सड़क के बीच की ओर पहुंचे। जब वह वापस सड़क के किनारे जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने नेशनल हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाईवे पर भारी वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों की लगातार आवाजाही रहती है।

ऐसी परिस्थितियों में सड़क पर खड़े होकर वाहन रोकना जोखिम भरा हो सकता है।

यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन चेकिंग स्थलों पर चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षित दूरी जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं।

इसके अलावा वाहन चालकों के लिए गति सीमा का पालन और पुलिस के संकेत मिलने पर सावधानी से वाहन रोकना जरूरी है।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस ने वाहन चालक को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

जांच में दुर्घटना की परिस्थितियों, वाहन की रफ्तार और चालक के आचरण की पड़ताल की जाएगी।

इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि दुर्घटना के समय चालक ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया था या नहीं।

पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

ड्यूटी के दौरान गई पुलिस जवान की जान

कांस्टेबल ओमप्रकाश तिवारी की मौत से मुरैना पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।

वह नियमित ड्यूटी के दौरान वाहन चेकिंग में लगे हुए थे, तभी हादसे का शिकार हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए फरार चालक को पकड़ लिया।

हालांकि, गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल की जान नहीं बचाई जा सकी।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों के खतरे और हाईवे पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की सुरक्षा की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के कारणों और चालक की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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