मध्य प्रदेश

मां बगलामुखी मंदिर के पास उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं की कार, 3 बच्चों समेत 8 की मौत

Kavita2
19 Sept 2026 12:23 PM IST
मां बगलामुखी मंदिर के पास उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं की कार, 3 बच्चों समेत 8 की मौत
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आगर-मालवा। मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में शनिवार तड़के तेज बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पास एक बरसाती नाले में पानी का बहाव अचानक तेज होने से श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में कार सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे, तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी लोग मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे।

हादसे की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। तेज बारिश के कारण बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान कार पानी की चपेट में आ गई और देखते ही देखते बहाव के साथ दूर चली गई। कार में मौजूद लोगों को संभलने या बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका।

तेज बारिश के बीच हुआ हादसा

बताया गया कि हादसा रात के समय हुआ, जब क्षेत्र में मूसलधार बारिश हो रही थी। लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का स्तर बढ़ गया और उसका बहाव तेज हो गया। इसी दौरान श्रद्धालुओं की कार नाले के संपर्क में आई और तेज धार में बह गई।

स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिलने के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण शुरुआती बचाव अभियान में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

नाले के आसपास तलाशी अभियान चलाया गया और कार में सवार लोगों की तलाश की गई। बचाव दल ने काफी प्रयास के बाद सभी आठ लोगों के शव बरामद किए। शवों को बाहर निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

कार में सवार थे आठ श्रद्धालु

हादसे में मरने वालों में तीन बच्चे, तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार सभी लोग नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मृतकों की विस्तृत पहचान और उनके निवास स्थान की औपचारिक जानकारी प्रशासन की ओर से जारी की जानी बाकी है।

स्थानीय प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

रेस्क्यू टीम ने चलाया तलाशी अभियान

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नाले के आसपास के हिस्से में तलाशी अभियान चलाया। पानी के तेज बहाव और अंधेरे के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।

रेस्क्यू टीम ने नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों को खोजने के लिए आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी ली। बाद में सभी आठ लोगों के शव बरामद कर लिए गए।

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नाले, नदी और अन्य जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है।

मां बगलामुखी मंदिर के पास हुआ हादसा

नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर आगर-मालवा जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मंदिर लखुंदर नदी के किनारे स्थित है और यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह धार्मिक स्थल नलखेड़ा में लखुंदर नदी के तट पर स्थित है और विशेष पर्वों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

ऐसे में बारिश के दौरान मंदिर और उसके आसपास आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलभराव और तेज बहाव वाले रास्ते चुनौती बन सकते हैं। शनिवार को भी बारिश के कारण यही स्थिति गंभीर हादसे में बदल गई।

अचानक बढ़ा पानी बना खतरा

बरसाती नालों में पानी का बहाव बारिश के दौरान बहुत तेजी से बढ़ सकता है। खासकर जब आसपास के इलाकों में लगातार तेज बारिश हो तो कुछ ही समय में सामान्य दिखाई देने वाला नाला उफन सकता है। ऐसे पानी में वाहन का संतुलन बिगड़ने पर उसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

नलखेड़ा में हुए हादसे में भी शुरुआती जानकारी के मुताबिक तेज बारिश के कारण नाले का बहाव बढ़ा हुआ था। कार इसी तेज बहाव की चपेट में आई और बह गई। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, पुल-पुलियों, नालों और नदी किनारे जाने से बचने को कहा गया है।

रेस्क्यू टीम की ओर से भी लोगों को जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि बारिश के कारण क्षेत्र में अन्य स्थानों पर जलभराव या तेज बहाव की स्थिति तो नहीं बनी है।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव

सभी आठ शवों को बरामद करने के बाद पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। मृतकों की पहचान के लिए परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। पहचान पूरी होने के बाद शव उनके परिवारों को सौंपे जाएंगे।

प्रशासन की ओर से हादसे की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कार किस रास्ते से जा रही थी और हादसे के समय नाले में पानी की स्थिति कैसी थी।

हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

इस दुर्घटना ने बारिश के मौसम में बरसाती नालों और जलभराव वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कई बार सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित दिखाई देने वाले रास्ते तेज बारिश के दौरान जोखिम भरे हो जाते हैं। पानी का स्तर अचानक बढ़ने से वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और स्थानीय स्तर पर समय रहते लोगों को रोकना महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर धार्मिक स्थलों के आसपास, जहां बारिश के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहता है, वहां सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान जरूरी होता है।

आठ परिवारों में पसरा मातम

हादसे में एक साथ आठ लोगों की मौत की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। तीन बच्चों की मौत ने घटना को और दर्दनाक बना दिया है। परिवारों को जब हादसे की जानकारी मिली तो उनके बीच मातम छा गया।

श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे, लेकिन तेज बारिश और उफनते नाले ने इस यात्रा को दर्दनाक हादसे में बदल दिया। अब प्रशासन की प्राथमिकता मृतकों की पहचान, पोस्टमार्टम और शवों को परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी करना है।

फिलहाल प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह तेज बारिश के बाद नाले में आया पानी का तेज बहाव है। हालांकि दुर्घटना की परिस्थितियों और कार के नाले में बहने की पूरी वजह की जांच की जा रही है।

आगर-मालवा के नलखेड़ा में हुआ यह हादसा बारिश के दौरान तेज बहाव वाले जलस्रोतों से दूरी बनाए रखने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के समय नालों और नदी के किनारे न जाएं तथा पानी के तेज बहाव वाले रास्तों से वाहन निकालने का जोखिम न लें।

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