मध्य प्रदेश

मेले में हथियारों से निशाना लगाते दिखे लोग जांच शुरू

Kavita2
30 Aug 2026 5:59 PM IST
मेले में हथियारों से निशाना लगाते दिखे लोग जांच शुरू
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मध्य प्रदेश : मुरैना जिले में पारंपरिक भुजरिया मेले के दौरान हथियारों से फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग बंदूकें लेकर मिट्टी के बर्तनों को निशाना बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि यह घटना जौरा थाना क्षेत्र के परसोटा गांव में रक्षाबंधन के अगले दिन आयोजित भुजरिया मेले के दौरान हुई। इस पारंपरिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा हथियारों से फायरिंग किए जाने का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

तालाब के किनारे हुआ फायरिंग का आयोजन



वायरल वीडियो में करीब 50 से 60 लोग दिखाई दे रहे हैं, जिनके हाथों में बंदूकें नजर आ रही हैं। सभी लोग एक तालाब के किनारे बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। तालाब के दूसरी ओर मिट्टी के बर्तन रखे गए थे, जिन्हें निशाना बनाकर लोग बारी-बारी से गोली चला रहे थे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि गोली लगने के बाद मिट्टी के बर्तन टूट जाते हैं और मौके पर मौजूद ग्रामीण तालियां बजाकर और उत्साह बढ़ाकर इस गतिविधि को देखते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फायरिंग के दौरान सभी हथियार लाइसेंसी थे या कुछ लोगों ने अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया था। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने सार्वजनिक स्थान पर इस तरह हथियारों का प्रदर्शन किए जाने पर चिंता जताई।

वायरल वीडियो में जिस तरह से लोग खुलेआम हथियारों के साथ दिखाई दे रहे हैं, उससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस वीडियो की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसमें शामिल लोग कौन हैं और उनके पास मौजूद हथियारों की स्थिति क्या है।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलने के बाद जौरा थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फायरिंग के दौरान किसी तरह के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पारंपरिक मेले में हथियारों का प्रदर्शन बना चर्चा का विषय

भुजरिया मेला क्षेत्र की पुरानी परंपराओं से जुड़ा आयोजन माना जाता है, जिसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। लेकिन इस बार मेले के दौरान हथियारों से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद यह आयोजन चर्चा में आ गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ इलाकों में पारंपरिक आयोजनों के दौरान लाइसेंसी हथियारों के प्रदर्शन की परंपरा रही है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग करना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

पुलिस जांच के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने बड़े आयोजन के दौरान हथियारों के साथ फायरिंग कैसे होती रही और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में हथियारों का इस्तेमाल बेहद खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे आयोजनों में प्रशासन को पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस मामले में कितने लोग दोषी पाए जाते हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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