मध्य प्रदेश

सीहोर में क्लोरीन गैस लीक से मचा हड़कंप, चार लोग अस्पताल में भर्ती

Kavita2
9 Sept 2026 6:04 PM IST
सीहोर में क्लोरीन गैस लीक से मचा हड़कंप, चार लोग अस्पताल में भर्ती
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मध्य प्रदेश : सीहोर जिले में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कहिरी बांध के पास स्थित एक फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। गैस लीक होने के बाद आसपास मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में तेज जलन की शिकायत हुई। घटना में प्रभावित चार लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम कहिरी बांध के पास स्थित फिल्टर प्लांट में हुई। फिल्टर प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसके बाद वहां काम कर रहे लोगों और आसपास मौजूद व्यक्तियों में हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आने से कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें आंखों में जलन, घुटन और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। गैस से प्रभावित चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि क्लोरीन गैस का रिसाव कहिरी बांध के पास स्थित फिल्टर प्लांट में हुआ है। सूचना मिलने के बाद बचाव दल को मौके पर भेजा गया। गैस से प्रभावित चार लोगों को अस्पताल पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उपचार शुरू किया गया।

फिलहाल प्रशासन की टीम घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। यह जांच की जा रही है कि फिल्टर प्लांट में गैस रिसाव किस वजह से हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आई है या नहीं। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए।

क्लोरीन गैस का इस्तेमाल आमतौर पर जल शोधन प्रक्रिया में किया जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसके संपर्क में आने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। गैस के प्रभाव से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी वजह से गैस रिसाव की घटनाओं में तुरंत बचाव और सावधानी बरतना जरूरी होता है।

घटना के बाद फिल्टर प्लांट में सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गैस रिसाव के बाद कुछ समय के लिए आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। लोग एहतियात के तौर पर मौके से दूर चले गए। बचाव टीमों ने स्थिति को संभालते हुए प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई।

फिलहाल राहत की बात यह है कि घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। अस्पताल में भर्ती सभी चार लोगों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

सीहोर की इस घटना ने औद्योगिक और जल शोधन केंद्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्लांटों में गैस भंडारण, उपकरणों की नियमित जांच और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

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