मध्य प्रदेश

पैक्ड घी में सीसे की अधिक मात्रा मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग की जांच में खुलासा

nidhi
8 Oct 2026 11:48 AM IST
पैक्ड घी में सीसे की अधिक मात्रा मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग की जांच में खुलासा
x
घी में मिला खतरनाक सीसा
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पैक्ड घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में गंभीर खुलासा हुआ है। शहर में बिक रहे घी के कई नमूनों में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सीसा यानी लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से 10 गुना तक अधिक पाई गई है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच चलाए गए जांच अभियान में घी के 28 नमूने जांच में फेल हुए हैं। इनमें 24 नमूने असुरक्षित और चार अवमानक पाए गए। इस खुलासे के बाद घी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जांच में सामने आया कि असुरक्षित पाए गए 24 नमूनों से करीब 17 हजार लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ है। विभागीय जानकारी के अनुसार, कार्रवाई शुरू होने से पहले इस स्टॉक का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा बाजार में पहुंच चुका था। इस हिसाब से करीब 2550 से 3400 लीटर असुरक्षित घी की आपूर्ति पहले ही हो चुकी थी।
10 नमूनों में निर्धारित सीमा से अधिक मिला सीसा
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में असुरक्षित पाए गए नमूनों में से 16 की सीसे की मात्रा के लिए जांच की गई। इनमें 10 नमूनों में सीसा निर्धारित सीमा से ज्यादा पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन नमूनों में सीसे की मात्रा 0.10 से 0.21 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तक दर्ज की गई। जबकि स्वीकार्य सीमा 0.02 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम बताई गई है। इस प्रकार कुछ नमूनों में सीसा तय सीमा से करीब 5 से 10.5 गुना अधिक पाया गया।
कई इलाकों में हुई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर के अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों में कार्रवाई की। इनमें लसूड़िया, देवास नाका, बांगड़दा, सियागंज, पालदा, लोहामंडी, मल्हारगंज और राजेंद्र नगर सहित कई इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में स्थित गोदामों, डिपो और घी विक्रेताओं के यहां से नमूने लिए गए थे। जांच में सामने आया कि संबंधित स्टॉक की आपूर्ति करने वाली अधिकांश कंपनियां गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी हैं।
घी में सीसा मिलने से स्वास्थ्य को खतरा
सीसा एक विषैला भारी धातु तत्व है। भोजन के माध्यम से इसकी अधिक मात्रा शरीर में पहुंचना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक सीसे के संपर्क में रहने से तंत्रिका तंत्र, गुर्दों और अन्य अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सीसे का संपर्क विशेष रूप से चिंताजनक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सीसे के संपर्क का कोई ज्ञात सुरक्षित स्तर नहीं है।
घी में सीसा कैसे पहुंचा, जांच का विषय
पैक्ड घी में निर्धारित मात्रा से अधिक सीसा मिलने के बाद इसकी वजह का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है। घी बनाने में इस्तेमाल सामग्री, मिलावट के लिए उपयोग किए गए पदार्थ या उत्पादन प्रक्रिया के किसी चरण से संदूषण होने की संभावना की जांच की जा सकती है। संबंधित नमूनों में सीसा किस स्रोत से आया, इसकी निश्चित पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए बिना जांच किसी विशेष सामग्री या कंपनी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
खरीदारी करते समय रखें सावधानी
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माता की जानकारी, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, पैकिंग और एक्सपायरी तारीख की जांच करनी चाहिए। यदि घी की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसका इस्तेमाल करने से बचें और खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। केवल रंग, गंध या स्वाद से सीसे की मौजूदगी का भरोसेमंद पता नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए प्रयोगशाला जांच जरूरी है। इंदौर में सामने आए इस मामले ने पैक्ड खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी और नियमित जांच की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है।
Next Story