मध्य प्रदेश

भोपाल में आज 2 हजार से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सात घाटों पर क्रेन और गोताखोर तैनात

Kavita2
20 Oct 2026 12:17 PM IST
भोपाल में आज 2 हजार से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सात घाटों पर क्रेन और गोताखोर तैनात
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवरात्रि उत्सव के समापन के साथ मंगलवार, 20 अक्टूबर से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो रहा है। शहर में स्थापित दो हजार से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भोपाल नगर निगम (BMC) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजधानी के सात निर्धारित विसर्जन घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इन स्थानों पर क्रेन, गोताखोर, बचाव दल और नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रतिमाओं के साथ लाई जाने वाली पूजा सामग्री को अलग से एकत्रित करने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि विसर्जन के दौरान जल स्रोतों में प्रदूषण को कम किया जा सके। नगर निगम के कार्यवाहक आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने सोमवार को विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सात प्रमुख घाटों पर होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन

भोपाल नगर निगम ने दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सात प्रमुख घाट निर्धारित किए हैं। इनमें रानी कमलापति विसर्जन घाट, प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा घाट, मालीखेड़ी घाट, हथाईखेड़ा डैम और संत हिरदाराम नगर स्थित बैरागढ़ घाट शामिल हैं।

इन घाटों पर अलग-अलग क्षेत्रों से दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लाई जाएंगी। नगर निगम ने प्रत्येक घाट पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए।

क्रेन और गोताखोरों की तैनाती

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नगर निगम ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।

सभी निर्धारित घाटों पर प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों और बचाव कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है।

नगर निगम का प्रयास है कि बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन मशीनों की सहायता से सुरक्षित तरीके से किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को गहरे पानी में उतरने की आवश्यकता न पड़े।

घाटों पर आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा संसाधनों की व्यवस्था भी की गई है। किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए बचाव दल मौजूद रहेंगे।

कार्यवाहक आयुक्त ने किया घाटों का निरीक्षण

भोपाल नगर निगम के कार्यवाहक आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने सोमवार को विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था, क्रेन की उपलब्धता, कर्मचारियों की तैनाती और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि विसर्जन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक इंतजाम पूरे किए जाएं। किसी भी घाट पर श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

नगर निगम के अधिकारियों को प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान लगातार निगरानी रखने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधिकारियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारी

नगर निगम प्रशासन ने सातों विसर्जन घाटों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

रानी कमलापति घाट की जिम्मेदारी कार्यवाहक आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा को दी गई है। हथाईखेड़ा डैम के लिए अपर आयुक्त वरुण अवस्थी, शाहपुरा घाट के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा और बैरागढ़ घाट के लिए अपर आयुक्त अभिषेक सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी तरह मालीखेड़ी घाट की निगरानी अपर आयुक्त वरुण बडेरिया करेंगे। प्रेमपुरा घाट पर अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता तथा खटलापुरा घाट पर डीसी भुवन गुप्ता और सहायक आयुक्त विजय तिवारी को जिम्मेदारी दी गई है।

इन अधिकारियों के साथ तकनीकी कर्मचारियों और अन्य निगमकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक अलग-अलग पालियों में कर्मचारी व्यवस्थाएं संभालेंगे।

पूजा सामग्री के लिए अलग व्यवस्था

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नगर निगम ने प्रतिमाओं के साथ आने वाली फूल-मालाओं, नारियल, कपड़े और अन्य पूजा सामग्री को एकत्रित करने के लिए अलग व्यवस्था की है।

इसका उद्देश्य जल स्रोतों में पूजा सामग्री के अनियंत्रित प्रवाह को रोकना और घाटों पर साफ-सफाई बनाए रखना है।

श्रद्धालुओं से अपेक्षा की गई है कि वे पूजा सामग्री निर्धारित स्थानों पर ही जमा करें। इससे विसर्जन के बाद कचरे के प्रबंधन में सुविधा होगी और जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

विसर्जन मार्गों पर भी विशेष निगरानी

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर भी आवश्यक तैयारियां की गई हैं।

विसर्जन जुलूसों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर निकलने की संभावना है। ऐसे में नगर निगम और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।

नगर निगम ने विसर्जन मार्गों पर प्रकाश, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा जुलूस मार्गों से अस्थायी अतिक्रमण और बाधाएं हटाने पर भी ध्यान दिया गया है, ताकि प्रतिमाओं को घाटों तक पहुंचाने में परेशानी न हो।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क

भोपाल में पहले भी प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसे हो चुके हैं। इसलिए प्रशासन इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है।

घाटों पर गहरे पानी के आसपास बैरिकेडिंग और प्रशिक्षित बचाव कर्मचारियों की तैनाती जैसे इंतजाम किए गए हैं।

बड़ी प्रतिमाओं को उतारने और पानी में विसर्जित करने के दौरान क्रेन का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान

नगर निगम ने विसर्जन घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर भी ध्यान दिया है।

विसर्जन प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग समय पर बड़ी संख्या में प्रतिमाएं घाटों पर पहुंच सकती हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करना महत्वपूर्ण होगा।

नगर निगम के कर्मचारी घाटों पर मौजूद रहकर आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।

प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से संपन्न कराया जाए।

आज से शुरू होगा विसर्जन का सिलसिला

राजधानी भोपाल में मंगलवार से दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो रहा है। विभिन्न पूजा समितियां और श्रद्धालु अपनी प्रतिमाओं को निर्धारित घाटों पर लेकर पहुंचेंगे।

शहर के सात प्रमुख घाटों पर की गई तैयारियों के बीच नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

दो हजार से अधिक प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

फिलहाल नगर निगम ने तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। अब प्रशासन की प्राथमिकता पूरे विसर्जन कार्यक्रम को बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है।

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