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इंदौर में दो दशक बाद व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सेवा फिर शुरू

इंदौर। लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद इंदौर में व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को फिर से शुरू किया गया है। बुधवार को शहर में आधुनिक इलेक्ट्रिक और एयर-कंडीशन्ड बसों के साथ नई परिवहन व्यवस्था की शुरुआत की गई। इस नई सेवा में सुरक्षा, तकनीक, ट्रैकिंग और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य शहर के यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड यानी AICTSL परिसर में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा वंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री तुलसी राम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया और मालिनी गौड़ सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया और कलेक्टर शिवम वर्मा भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने यात्रियों के साथ बस में सफर भी किया और नई व्यवस्था की सुविधाओं का जायजा लिया।
नई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक और एयर-कंडीशन्ड बसों को शामिल किया गया है। इन बसों को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सकें। बसों में डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे नकद भुगतान पर निर्भरता कम होगी और टिकट व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
इसके साथ ही बसों की ट्रैकिंग व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इससे बसों की वास्तविक स्थिति और उनके संचालन पर नजर रखी जा सकेगी। यात्री भी निर्धारित रूट और बसों की स्थिति से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर रोजाना सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
सुरक्षा के लिहाज से भी नई बसों में कई व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। बसों में निगरानी और ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया है।
इंदौर तेजी से बढ़ते शहरों में शामिल है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण सड़कों पर लगातार ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को शहर की जरूरत माना जा रहा था। नई बस सेवा से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के यातायात दबाव को घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण कम होता है। इससे शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिल सकता है।
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत यात्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
‘पीएम ई-बस सेवा वंदन’ कार्यक्रम के जरिए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ने से लंबी अवधि में ईंधन खर्च और प्रदूषण दोनों में कमी आने की संभावना है।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने नई सेवा को शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन किसी भी बड़े शहर की जरूरत है और इंदौर में इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ दोबारा शुरू करना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
नई व्यवस्था से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन यात्रियों के लिए यह सेवा उपयोगी होगी, जो रोजाना निजी वाहन के बजाय सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चाहते हैं।
AICTSL के माध्यम से बसों के संचालन, रूट प्रबंधन, टिकटिंग और ट्रैकिंग की निगरानी की जाएगी। बसों के समय, रूट और संचालन से संबंधित जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
शहर में सार्वजनिक परिवहन को फिर से व्यवस्थित रूप देने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य सड़क पर वाहनों की संख्या कम करना भी है। यदि नई बस सेवा नियमित, समयबद्ध और सुविधाजनक रहती है तो अधिक लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे सकते हैं।
इंदौर में लगभग दो दशक बाद इस तरह की संगठित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की वापसी को शहर के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। नई इलेक्ट्रिक और एसी बसों के जरिए यात्रियों को सुविधा देने के साथ-साथ प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या से निपटने का प्रयास भी किया जा रहा है।
फिलहाल नई बसों के संचालन की शुरुआत कर दी गई है। आने वाले समय में यात्रियों की प्रतिक्रिया, रूट की उपयोगिता और बसों की संख्या के आधार पर इस सेवा के विस्तार की संभावना भी बनी हुई है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कितनी नियमित, सुरक्षित और सुविधाजनक साबित होती है।





