मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ी की जांच के आदेश

Ratna Netam
9 Oct 2026 4:38 PM IST
मध्य प्रदेश में शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ी की जांच के आदेश
x
भोपाल : मध्य प्रदेश में वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपने ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) दीपम रायचुरा को पद से हटाने का फैसला भी किया है। देवड़ा ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी जानकारी एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने संबंधित विभाग को मामले की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए।डिप्टी सीएम के इस कदम के बाद वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े आरोपों की जांच पर ध्यान केंद्रित हो गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित अनियमितताएं किस प्रकार की थीं और कॉन्ट्रैक्ट में किन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अखबार की रिपोर्ट से सामने आया मामला
जगदीश देवड़ा ने बताया कि शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ियों से संबंधित मामला उनके संज्ञान में एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आया। रिपोर्ट में वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट को लेकर कुछ अनियमितताओं या खामियों के आरोप लगाए गए थे।देवड़ा के अनुसार, रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित विभाग को तत्काल जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपने वर्तमान OSD दीपम रायचुरा को पद से हटाने का निर्णय भी लिया।इस मामले में फिलहाल आरोपों की जांच शुरू करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। कथित गड़बड़ियों की प्रकृति, उनकी संभावित सीमा और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दीपम रायचुरा की तत्कालीन तैनाती पर डिप्टी सीएम ने दी सफाई
डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने बयान में दीपम रायचुरा की तत्कालीन तैनाती को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रायचुरा वर्तमान में उनके OSD के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित अवधि में वह इस पद पर नहीं थे।देवड़ा के मुताबिक, उस समय दीपम रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि उस अवधि में रायचुरा उनके OSD के तौर पर काम नहीं कर रहे थे।इस बयान के जरिए देवड़ा ने अपनी वर्तमान टीम में रायचुरा की भूमिका और शराब कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित अवधि में उनकी आधिकारिक तैनाती के बीच अंतर स्पष्ट किया। हालांकि, रायचुरा की तत्कालीन भूमिका और कथित अनियमितताओं से उनके किसी संबंध को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
निष्पक्ष जांच के लिए OSD को पद से हटाया
जगदीश देवड़ा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दीपम रायचुरा को अपने OSD पद से हटा दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।किसी मामले की जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होता है। देवड़ा ने अपने बयान में पद से हटाने के फैसले को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने से जोड़ा है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि रायचुरा को किसी आरोप में दोषी पाया गया है या उनके खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय किया गया है। इसलिए उनके पद से हटाए जाने को अपने आप में दोष साबित होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
जांच में सामने आएंगे कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े तथ्य
वर्ष 2024-25 के शराब कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान संबंधित विभाग को आरोपों की प्रकृति और उनसे जुड़े तथ्यों की पड़ताल करनी होगी। यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं और यदि हुई, तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कॉन्ट्रैक्ट की राशि, संबंधित ठेकेदारों के नाम, कथित वित्तीय नुकसान या किसी विशेष नियम के उल्लंघन का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में इन पहलुओं को लेकर कोई निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।डिप्टी सीएम ने संबंधित विभाग को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा या विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट कब तक प्रस्तुत की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
मध्य प्रदेश में शराब कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े इस मामले में फिलहाल दो प्रमुख कदम सामने आए हैं। पहला, वर्ष 2024-25 के कॉन्ट्रैक्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच के आदेश और दूसरा, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी सीएम के OSD दीपम रायचुरा को पद से हटाने का फैसला।जगदीश देवड़ा ने कहा है कि उन्हें मामले की जानकारी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट से मिली और उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कथित अनियमितताओं से संबंधित अवधि में रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे, न कि उनके OSD के रूप में।अब इस मामले में विभागीय जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। जांच से ही पता चल सकेगा कि शराब कॉन्ट्रैक्ट में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई थी या नहीं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है। फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

Next Story