मध्य प्रदेश

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सज्जन सिंह वर्मा बोले, ‘यह लोकतंत्र और युवाओं की जीत है’

SHIDDHANT
26 July 2026 9:56 PM IST
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सज्जन सिंह वर्मा बोले, ‘यह लोकतंत्र और युवाओं की जीत है’
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस की नहीं बल्कि लोकतंत्र और युवा शक्ति की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाई, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है। इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट था। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर देशभर में चिंता थी, जिसे सभी ने समर्थन दिया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह देश की युवा पीढ़ी को बधाई देते हैं, क्योंकि युवाओं ने पहली बार बड़ी संख्या में अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि जिस दिशा में युवा आगे बढ़ते हैं, समाज और देश की राजनीति भी उसी दिशा में आगे बढ़ती है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है और आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन में सहयोग करने वालों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों मेहनत करते हैं, इसलिए उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए थे। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने हाई पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने का फैसला किया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को उनकी चिंताओं का समाधान करना होगा।
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