मध्य प्रदेश

रिश्वत लेते पकड़ा गया अफसर, तलाशी में मिले 72.50 लाख रुपये

Ashish verma
11 Oct 2026 11:02 PM IST
रिश्वत लेते पकड़ा गया अफसर, तलाशी में मिले 72.50 लाख रुपये
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नरेट की प्रिवेंटिव ब्रांच (मुख्यालय) में पदस्थ सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर भोपाल के एक कबाड़ कारोबारी से हर महीने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। कारोबारी की शिकायत पर सीबीआई ने शनिवार को एफआईआर दर्ज की और इसके बाद जाल बिछाकर अधिकारी को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासों की तलाशी ली। इस दौरान कुल 72 लाख 50 हजार रुपये नकद और अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद घरों से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, बरामद नकदी के स्रोत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में जांच की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
कबाड़ कारोबारी से हर महीने दो लाख मांगने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल के कबाड़ कारोबारी मुबीन खान ने सीबीआई से शिकायत की थी। उन्होंने सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नरेट की प्रिवेंटिव ब्रांच के सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।शिकायत के मुताबिक, आरोपी अधिकारी कारोबारी से हर महीने दो लाख रुपये की मांग कर रहा था।कारोबारी ने इस कथित मांग की जानकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले में कार्रवाई शुरू की।हालांकि, अधिकारी ने किस काम के बदले रिश्वत मांगी थी और कारोबारी पर किस तरह का दबाव बनाया गया था, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
शनिवार को दर्ज की गई एफआईआर
कबाड़ कारोबारी मुबीन खान की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने शनिवार को एफआईआर दर्ज की।इसके बाद एजेंसी ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।सीबीआई ने शिकायत से संबंधित परिस्थितियों के आधार पर जाल बिछाया और निर्धारित स्थान पर कार्रवाई की।इस दौरान राजेश कुमार गुप्ता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।इस कार्रवाई से संबंधित एफआईआर में किन कानूनी धाराओं का उल्लेख किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।हालांकि, मामला एक सरकारी अधिकारी पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप से जुड़ा है।
नर्मदापुरम रोड पर डी-मार्ट के पास गिरफ्तारी
सीबीआई ने भोपाल के नर्मदापुरम रोड पर डी-मार्ट के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया।जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार गुप्ता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।यह कार्रवाई कारोबारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद की गई।सीबीआई ने पहले से तैयार योजना के तहत आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था।हालांकि, रिश्वत की रकम किस समय और किन परिस्थितियों में दी गई, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि मौके पर आरोपी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने राजेश कुमार गुप्ता को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
भोपाल और कानपुर के घरों में तलाशी
आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके आवासों की तलाशी ली।यह तलाशी भोपाल और उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित घरों में की गई।दोनों स्थानों पर की गई तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को बड़ी मात्रा में नकदी मिली।इसके अलावा अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए।तलाशी में मिले दस्तावेजों से जुड़ी संपत्तियां किन स्थानों पर हैं और उनका अनुमानित मूल्य कितना है, इस संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है।सीबीआई की जांच में इन दस्तावेजों का परीक्षण महत्वपूर्ण हो सकता है।
72.50 लाख रुपये नकद बरामद
इस मामले में गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी के दौरान कुल 72 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।यह रकम आरोपी अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित घरों की तलाशी में मिली है।हालांकि, किस घर से कितनी नकदी मिली, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
बरामद रकम का स्रोत क्या है और उसका आरोपी अधिकारी की आय से क्या संबंध है, यह जांच का विषय होगा।केवल नकदी बरामद होने के आधार पर पूरी रकम को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति और स्रोत का निर्धारण उपलब्ध दस्तावेजों तथा जांच के आधार पर होगा।सीबीआई की आगे की जांच में बरामद नकदी और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले
सीबीआई को आरोपी अधिकारी के घरों की तलाशी के दौरान अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं।इन दस्तावेजों में किन संपत्तियों का विवरण है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित संपत्तियां आरोपी के नाम पर हैं या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जुड़ी हैं।जांच एजेंसी बरामद दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति के स्वामित्व और उससे संबंधित वित्तीय जानकारी की पड़ताल कर सकती है।हालांकि, इस संबंध में सीबीआई की ओर से किसी अतिरिक्त निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
प्रिवेंटिव ब्रांच में पदस्थ थे राजेश कुमार गुप्ता
गिरफ्तार अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नरेट की प्रिवेंटिव ब्रांच के मुख्यालय में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे।सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज से जुड़े विभाग केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करते हैं।इन विभागों में कर संबंधी नियमों के अनुपालन और संबंधित मामलों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां होती हैं।हालांकि, इस विशेष मामले में आरोपी अधिकारी की कौन सी विभागीय जिम्मेदारी कबाड़ कारोबारी से जुड़ी थी, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।शिकायत में हर महीने दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।मासिक रिश्वत की मांग की जांच महत्वपूर्ण
इस मामले का एक प्रमुख पहलू यह है कि शिकायतकर्ता ने अधिकारी पर हर महीने दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है।इससे मामला केवल एक बार की कथित रिश्वत की मांग तक सीमित नहीं है।हालांकि, आरोपी ने इससे पहले भी कारोबारी से कोई रकम ली थी या नहीं, इस संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित मासिक मांग कब से की जा रही थी।इन सवालों के जवाब शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर सामने आ सकते हैं।फिलहाल सीबीआई ने दो लाख रुपये की रिश्वत लेते अधिकारी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की है।
आगे की जांच में सामने आएंगे तथ्य
भोपाल में सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्ति संबंधी दस्तावेज महत्वपूर्ण हो गए हैं।कबाड़ कारोबारी मुबीन खान की शिकायत पर दर्ज मामले में राजेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।इसके बाद भोपाल और कानपुर स्थित आवासों से 72.50 लाख रुपये नकद और अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
हालांकि, आरोपी को अदालत में पेश किए जाने, हिरासत की स्थिति और विभागीय कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई में रिश्वत लेते गिरफ्तारी और घरों की तलाशी से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
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