मध्य प्रदेश

नर्सों ने लगाए थे छेड़छाड़ के आरोप, आशीष गोहिया बने नए अधीक्षक

Tulsi Rao
27 Jun 2022 4:39 PM GMT
नर्सों ने लगाए थे छेड़छाड़ के आरोप, आशीष गोहिया बने नए अधीक्षक
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भोपाल। हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) के अधीक्षक दीपक मरावी पर नर्सों द्वारा छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद नए डीन के रूप में आशीष गोहिया को हमीदिया का अधीक्षक बनाया गया है. डॉक्टर दीपक मरावी पर कुछ दिन पहले ही 50 से ज्यादा नर्सों ने छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था.

डॉक्टर मरावी का इस्तीफा: आरोपों से घिरे हमीदिया हॉस्पिटल के अधीक्षक दीपक मरावी ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि उनके पास अतिरिक्त रूप से अधीक्षक प्रभार था. इस वजह से उन्हें अधीक्षक के पद से मुक्त किया जाए. ईटीवी भारत ने भी इस मामले में मरावी से उनका तर्क जानने के लिए बात की. उनका कहना था कि जिस तरह से नर्सों ने उन पर लगातार आरोप लगाए हैं, उसके बाद से वे व्यथित हो गए थे. उनके पास ऑर्थोपेडिक विभाग का मूल काम है. इसके साथ ही हमीदिया के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार था. ऐसे में अब वे अधीक्षक के पद से मुक्त होना चाहते हैं. अपने इस्तीफे में डॉक्टर मरावी ने लिखा है कि, (Bhopal Hamidia Hospital superintendent Doctor Maravi resigned)

मैंने जो कुछ भी कदम उठाए थे वे अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए उठाए थे. ऐसे में मेरे पर कई तरह के आरोप लगे हैं. इससे मैं व्यथित हूं. अब 30 जून के बाद मैं अधीक्षक पद पर सेवाएं नहीं दे पाऊंगा.

आशीष गोहिया बने अधीक्षक: गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन को भेज गए मरावी के इस्तीफे के बाद डॉ आशीष गोहिया को नया अधीक्षक बनाया गया है. मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए नए आदेश जारी कर दिए गए हैं.

यह था मामला: कुछ दिन पूर्व हमीदिया अस्पताल की 50 से अधिक नर्सों ने एक लिखित शिकायत की थी कि डॉ. मरावी कार्यस्थल पर उन्हें प्रताड़ित करते हैं. यहां तक की उनके साथ अश्लील हरकत भी करते हैं. नशे की हालत में चेंजिंग रूम में घुस जाते हैं. कोई कुछ बोलता है तो उसे कार्रवाई की धमकी दी जाती है. मरावी कहते हैं कि मुख्यमंत्री भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते. इस पूरे मामले की खबर और नर्सों के आवेदन जैसे ही सामने आए तो बवाल हो गया. आनन-फानन में चिकित्सा शिक्षा मंत्री (Medical Education Minister Vishwas Sarang) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए भोपाल कमिश्नर गुलशन बामरा से 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी थी. संभागायुक्त ने इसके लिए 5 सदस्यीय परिवाद समिति बनाई, जिसने 3 दिन तक नर्सों और अन्य लोगों से बात कर अपनी इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया है, लेकिन इस समिति पर भी कई सवालिया निशान उठ खड़े हुए. सबसे बड़ा सवाल यह था कि समिति का जांच स्थल हमीदिया की जगह कहीं और होना चाहिए था. नर्सों ने इसकी मांग भी की, लेकिन उनकी एक न चली और आखिरकार लैंगिक उत्पीड़न के मामले में दीपक मरावी पर लगे आरोप सिद्ध नहीं हो पाए थे.


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