मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय पुस्तक मेला: बीजेपी सांसद वी. डी. शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पहल पर जोर दिया

SHIDDHANT
28 Dec 2025 10:02 PM IST
राष्ट्रीय पुस्तक मेला: बीजेपी सांसद वी. डी. शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पहल पर जोर दिया
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Delhi दिल्ली: बीजेपी सांसद वी. डी. शर्मा ने खजुराहो में राष्ट्रीय पुस्तक मेला के तीसरे संस्करण में भाग लिया और इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन की प्रगति और महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला हर वर्ष अपने स्वरूप और विषयों के लिहाज से विकसित हो रहा है और इस साल भी यह बेहद सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने कहा, "मैं कटनी आया हूं, जहां यह राष्ट्रीय पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेले का तीसरा वर्ष है और इस दौरान मेला लगातार अपने आयाम बढ़ाता रहा है। मैंने देखा कि मेले में आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित प्रदर्शनियों और स्टॉलों की स्थापना की गई है।"
वी. डी. शर्मा ने यह भी बताया कि मेले में विभिन्न साहित्यिक सामग्री, किताबों की नई रचनाएं और ज्ञानवर्धक प्रकाशन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मेले केवल किताबों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, संस्कृति और विचारों के प्रसार का एक प्रमुख मंच बन गया है। उन्होंने विशेष रूप से आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पहल पर जोर देते हुए कहा, "हमारे देश के युवाओं और पाठकों को यह समझना होगा कि स्वदेशी उत्पादों, विचारों और ज्ञान के माध्यम से ही देश मजबूत बन सकता है। इस मेले में मौजूद स्टॉल और प्रदर्शनियां इस दिशा में प्रेरणा देती हैं।"
वी. डी. शर्मा ने कहा कि मेले का यह स्वरूप न केवल साहित्यिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुस्तक मेला आयोजित करने वाले संगठनों और प्रशासन की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और शिक्षा के लिए भी फायदेमंद हैं। इस अवसर पर सांसद ने मेले में उपस्थित पाठकों, छात्रों और साहित्य प्रेमियों से भी संवाद किया और उन्हें पढ़ाई और ज्ञान के महत्व पर विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक मेला न केवल किताबों का मेला है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने का एक मंच भी है।
वी. डी. शर्मा ने आशा व्यक्त की कि इस तरह के साहित्यिक आयोजन आने वाले वर्षों में और भी व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे और इसमें अधिक लोग, विशेष रूप से युवा, शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञान और शिक्षा के प्रसार से ही समाज मजबूत बनता है और देश के विकास में योगदान मिलता है। इस प्रकार, खजुराहो में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला 2025 साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ, जिसमें आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संदेश को भी प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया गया।
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