मध्य प्रदेश

Narsinghpur: मेलों से बढ़ती है आपसी भाईचारा और संवाद

Admindelhi1
15 Feb 2026 2:51 PM IST
Narsinghpur: मेलों से बढ़ती है आपसी भाईचारा और संवाद
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नरसिहंपुर: मध्य प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने महाशिवरात्रि पर्व पर प्रदेशवासियों एवं जिलेवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्राचीन समय में गांव ही समाज का केंद्र हुआ करते थे और मेलों के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कृति एवं कला से जोड़ा जाता था। नदियों एवं मंदिरों के किनारे लगने वाले मेले तथा गांवों में आयोजित मढ़ई जैसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और आस्था को सुदृढ़ करते हैं।

मंत्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से नागरिकों और श्रद्धालुओं को तनावमुक्त वातावरण मिलता है, आनंद एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहता है कि मेले और धार्मिक कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं बेहतर ढंग से आयोजित हों। बरमान मेला के दौरान साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ संतोषजनक एवं सुव्यवस्थित पाई गईं, जिसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं मेला समिति की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शनिवार शाम नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर होने वाले तीन दिवसीय डमरूघाटी मेला का विधिवत शुभारंभ किया। अतिथियों ने सर्वप्रथम भगवान श्रीगणेश की पूजन- अर्चन कर प्रदेश एवं जिलेवासियों की सुख- समृद्धि की कामना की। तत्पश्चात मंत्री श्री सिंह ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि गाडरवारा में आयोजित डमरूघाटी मेला का आयोजन नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा किया जाता है। इस मेले से नागरिकों की गहरी आस्था जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक व्यवस्थित स्वरूप देने के संबंध में मुख्यमंत्री एवं धर्मस्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है।

उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं में सहयोग करने तथा आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में आयोजित होने वाले सभी छोटे-बड़े धार्मिक कार्यक्रमों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाती हैं। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सांस्कृतिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि महाशिवरात्रि पर्व पूरे प्रदेश में सौहार्द एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हो।

कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा है कि जिले में विभिन्न त्यौहारों को मेले के रूप में मनाने की समृद्ध परंपरा रही है। ये मेले आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ नागरिक अपने परिवार सहित पहुंचकर धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक समरसता का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि जिले का प्रसिद्ध बरमान मेला भी ऐसी ही आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इसी प्रकार गाडरवारा स्थित डमरूघाटी मेला का भी ऐतिहासिक महत्व है। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।

कलेक्टर ने कहा कि मेले की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए सभी समन्वित प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मेले के सुचारु संचालन हेतु सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा व पूर्व विधायक साधना स्थापक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

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