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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर पुलिस विभाग की परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। शहर की डीआरपी लाइन स्थित पुलिस शस्त्रागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां दीं और विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की। समारोह में संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। हालांकि, इस बार कार्यक्रम में पारंपरिक हर्ष फायरिंग नहीं की गई। हाल ही में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत के कारण यह निर्णय लिया गया। समारोह में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की गई।
डीआरपी लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा
विजयादशमी के अवसर पर ग्वालियर की डीआरपी लाइन में विशेष शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में शुरू हुआ। इस दौरान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ संपन्न कराया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर शस्त्रों की पूजा की।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से रखे गए शस्त्रों का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान धार्मिक परंपराओं के साथ अनुशासन और सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
नरेंद्र सिंह तोमर ने निभाई परंपरा
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शस्त्र पूजन के दौरान पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने मां भगवती और ईश्वर से देश तथा प्रदेश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम में तोमर और कलेक्टर रुचिका चौहान ने तलवार से कुम्हड़ा काटने की परंपरा भी निभाई।
यह रस्म शस्त्र पूजन समारोह का एक हिस्सा रही।
विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जो सत्य और धर्म की विजय का संदेश देता है।
शीतला माता मंदिर हादसे के कारण रद्द हुई हवाई फायरिंग
इस बार शस्त्र पूजन समारोह की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पारंपरिक हर्ष फायरिंग नहीं की गई।
सामान्य तौर पर ग्वालियर पुलिस लाइन में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के बाद हवाई फायरिंग की परंपरा निभाई जाती रही है।
लेकिन हाल ही में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे को देखते हुए इस बार यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उत्सव से जुड़े इस हिस्से को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया।
हालांकि, शस्त्र पूजन और अन्य निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न किए गए।
शीतला माता मंदिर के पास हुआ था भीषण हादसा
ग्वालियर में 18 अक्टूबर की तड़के शीतला माता मंदिर के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई थी।
धान से लदा एक भारी ट्रक अनियंत्रित होकर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया था।
इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार के पास जा टकराया था। दुर्घटना के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई थी।
कई घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मृतकों के परिवारों में मातम छा गया।
इस दुर्घटना ने पूरे ग्वालियर शहर को झकझोर दिया।
मृतकों के परिजनों के प्रति जताई संवेदना
शस्त्र पूजन समारोह के दौरान शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को भी याद किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवारों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसके साथ ही अस्पतालों में उपचाररत घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
ग्वालियर में हालिया दुर्घटना के कारण उत्सव के बीच भी संवेदनशीलता का वातावरण देखने को मिला।
यही कारण रहा कि आयोजन में धार्मिक विधियां तो निभाई गईं, लेकिन हर्ष फायरिंग जैसी परंपरा को इस बार स्थगित रखा गया।
विजयादशमी सत्य की विजय का प्रतीक
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विजयादशमी का विशेष महत्व है।
यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय और दैवीय शक्ति की आराधना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें जीवन में सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
तोमर ने मां भगवती से प्रार्थना की कि देश निरंतर शक्तिशाली, समृद्ध और यशस्वी बने।
उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा
भारतीय संस्कृति में विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा लंबे समय से प्रचलित है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शक्ति और पराक्रम की आराधना की जाती है।
शस्त्रों को केवल युद्ध या संघर्ष का साधन नहीं, बल्कि सुरक्षा और धर्म की रक्षा का प्रतीक भी माना जाता है।
पुलिस और अन्य सुरक्षा संगठनों में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की विशेष परंपरा है।
इस अवसर पर शस्त्रों की विधिवत पूजा कर कर्तव्य, अनुशासन और नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की जाती है।
आधुनिक व्यवस्था में पुलिसकर्मियों के लिए शस्त्रों का जिम्मेदार उपयोग और कानून का पालन सर्वोपरि है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में आयोजन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर विजयादशमी के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं इंदौर में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं, ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
राज्य सरकार की पहल के तहत पुलिस विभाग की इस परंपरा को प्रदेशभर में निभाया गया।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
ग्वालियर के डीआरपी लाइन में आयोजित समारोह में संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह मौजूद रहे।
इसके अलावा अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन सिंह भदौरिया और मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन ने भी भाग लिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी समारोह में उपस्थित रहे।
सभी ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया और प्रदेश की शांति तथा समृद्धि की कामना की।
हादसे की जांच भी जारी
शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे के बाद कथित लापरवाही के मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और नगर पुलिस अधीक्षक को पद से हटाने के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता घोषित की गई।
घायलों के लिए भी सहायता राशि और उपचार की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की जांच के आदेश दिए हैं।
शोक और श्रद्धा के बीच संपन्न हुआ समारोह
ग्वालियर में विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन इस बार पारंपरिक होने के साथ संवेदनशील भी रहा।
एक ओर पुलिस लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और शस्त्रों की पूजा की गई, वहीं दूसरी ओर शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान प्रकट किया गया।
हर्ष फायरिंग रद्द करने के निर्णय ने समारोह को सामान्य उत्सवों से अलग बना दिया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने देश की शक्ति, समृद्धि और सफलता की कामना करते हुए विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
इस तरह ग्वालियर में धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए हालिया दुर्घटना के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।





