मध्य प्रदेश

सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले नगर निगम के कार्यपालन यंत्री रिश्वत लेते गिरफ्तार

Kavita2
30 July 2026 3:10 PM IST
सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले नगर निगम के कार्यपालन यंत्री रिश्वत लेते गिरफ्तार
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ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम में सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जिस अधिकारी के सम्मान में अगले दिन विदाई समारोह की तैयारियां चल रही थीं, उसी समय हुई इस कार्रवाई से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, सुशील कटारे नगर निगम में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे और उनकी सेवानिवृत्ति नजदीक थी। बताया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें करीब 60 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही थी। इसी बीच रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया।

शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, कार्यपालन यंत्री के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि किसी कार्य से संबंधित अनुमति या प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।

शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की पुष्टि की और कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि देकर भेजा गया।

जैसे ही सुशील कटारे ने 6 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

विदाई समारोह की चल रही थी तैयारी

इस कार्रवाई का सबसे खास पहलू यह रहा कि सुशील कटारे की सेवानिवृत्ति को लेकर नगर निगम में तैयारियां चल रही थीं। अधिकारी के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया जाना था। लेकिन समारोह से ठीक पहले रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद निगम कार्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

सहकर्मियों और कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक ओर जहां सेवानिवृत्ति के मौके पर सम्मान की तैयारी थी, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी ने पूरे मामले को बदल दिया।

60 लाख रुपये भुगतान पर भी उठे सवाल

सुशील कटारे की गिरफ्तारी के बाद उनकी सेवानिवृत्ति से जुड़े भुगतान को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद करीब 60 लाख रुपये का भुगतान मिलना था।

अब लोकायुक्त कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग उनके सेवा रिकॉर्ड और अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा कर सकता है। हालांकि, भुगतान प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

नगर निगम में मचा हड़कंप

लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और शिकायत मिलने पर जांच के बाद सख्त कदम उठाए जाते हैं।

आगे की कार्रवाई जारी

गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या रिश्वत की यह राशि किसी एक काम के लिए मांगी गई थी या इसके पीछे कोई अन्य मामला भी जुड़ा हुआ है।

सेवानिवृत्ति के दिन ही विवादों में आए अधिकारी

आमतौर पर सेवानिवृत्ति का समय किसी भी कर्मचारी के लिए सम्मान और उपलब्धियों को याद करने का अवसर होता है, लेकिन सुशील कटारे के मामले में स्थिति पूरी तरह अलग रही। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले हुई लोकायुक्त कार्रवाई ने उन्हें सम्मान समारोह की जगह कानूनी कार्रवाई का सामना करने की स्थिति में ला दिया।

फिलहाल लोकायुक्त की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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