मध्य प्रदेश

MP Weather : बढ़ा गर्मी का असर, पारा चढ़ा इतना ऊपर

Uma Verma
27 March 2025 10:07 AM IST
MP Weather : बढ़ा गर्मी का असर, पारा चढ़ा इतना ऊपर
x

एमपी | मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक पहुंच गया है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तापमान में अचानक बढ़ोतरी, मौसम विभाग अलर्ट पर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में कमी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में अचानक उछाल आया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर और रीवा जैसे शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, खजुराहो, नौगांव, रतलाम और खरगोन जैसे स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है।

मार्च में ही लू के आसार, गर्मी से बचाव के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 2 से 3 मार्च के बीच प्रदेश में लू चल सकती है। खासकर मालवा, बुंदेलखंड, चंबल और बघेलखंड के इलाकों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल-मई में चलने वाली गर्म हवाएं (लू) इस बार मार्च में ही असर दिखाने लगी हैं, जो असामान्य है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण मध्य प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है। फरवरी के अंत में ही पारा सामान्य से ज्यादा हो गया था, और अब मार्च के पहले सप्ताह में ही लू जैसे हालात बन गए हैं।

हीटवेव के खतरे से बचने के लिए सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने गर्मी से बचाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं:

  • दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें।

  • हल्के और सूती कपड़े पहनें, शरीर को पूरी तरह ढककर रखें।

  • पानी और तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लें, डिहाइड्रेशन से बचें।

  • छोटे बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में जाने से रोकें।

  • बाहर जाने से पहले टोपी या छाता जरूर रखें।

कैसा रहेगा आने वाले दिनों में मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-7 दिनों तक प्रदेश में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। खासकर विदिशा, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, सतना, उमरिया और बालाघाट जैसे इलाकों में लू का खतरा अधिक रहेगा। हालांकि, मार्च के तीसरे सप्ताह में कुछ जगहों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बारिश और आंधी आने की संभावना है, जो थोड़ी राहत दे सकती है।

जनजीवन पर गर्मी का असर

गर्मी बढ़ने से शहरों में सड़कों पर चहल-पहल कम होने लगी है। दोपहर के समय बाज़ारों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ घट गई है। वहीं, स्कूलों में भी गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कुछ जिलों में विद्यालयों का समय बदला गया है, ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें।

जल संकट के भी आसार

तापमान बढ़ने के साथ ही जल संकट की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राज्य के कई जिलों में भूजल स्तर गिरने लगा है। हैंडपंप और कुओं का जलस्तर कम हो रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और उछाल आ सकता है, ऐसे में लोग सतर्क रहें और गर्मी से बचाव के उपाय करें।


Next Story