मध्य प्रदेश

MP : जिले में सरकारी वाहनों के लिए गाड़ी पूलिंग सिस्टम लागू

Kavita2
17 May 2026 10:20 AM IST
MP : जिले में सरकारी वाहनों के लिए गाड़ी पूलिंग सिस्टम लागू
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : जिले में प्रशासनिक दक्षता और सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नीतू माथुर ने शनिवार को सभी सरकारी विभागों में गाड़ी पूलिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना और प्रशासनिक व्यय को कम करना बताया गया है।

नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय वाहनों का उपयोग केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही करने की अनुमति होगी। इसके लिए संबंधित अधिकारी को अपने वरिष्ठ अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन विभागों के पास एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध हैं, उन्हें अब इन वाहनों का उपयोग साझा रूप से करना होगा। यानी विभिन्न विभागों के बीच वाहनों का समन्वित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसी भी वाहन का अनावश्यक उपयोग न हो और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके।

कलेक्टर नीतू माथुर ने कहा कि सरकारी वाहनों के अनियंत्रित उपयोग से ईंधन की खपत बढ़ती है और प्रशासनिक खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे न केवल वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा बल्कि संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें वाहनों के टायर प्रेशर को नियमित रूप से जांचने और सही स्तर पर बनाए रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा वाहनों की समय-समय पर नियमित सर्विसिंग कराने और उनकी अच्छी स्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि यदि वाहनों का उचित रखरखाव किया जाएगा तो उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और ईंधन की खपत भी कम होगी। साथ ही, इससे वाहनों की उम्र भी बढ़ेगी और मरम्मत पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।

इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद सभी विभागों को अपने वाहन उपयोग का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी वाहन का उपयोग अनावश्यक रूप से नहीं हो रहा है।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी और यदि किसी विभाग में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, गाड़ी पूलिंग सिस्टम का यह निर्णय प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा बल्कि ईंधन और रखरखाव पर होने वाले खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

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