मध्य प्रदेश

MP राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द

Kavita2
10 Jun 2026 11:19 AM IST
MP राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। नामांकन खारिज होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, नामांकन रद्द होने का कारण एफिडेविट में आवश्यक जानकारी का कथित रूप से छिपाया जाना बताया गया है। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान यह पाया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में एक कोर्ट से संबंधित शिकायत का उल्लेख नहीं किया था। इसी आधार पर उनके नामांकन को अधूरा और नियमों के विपरीत मानते हुए खारिज कर दिया गया।

इस निर्णय के बाद कांग्रेस पार्टी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे नियमों के अनुसार लिया गया निर्णय बताया है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे "डेमोक्रेसी की हत्या" जैसे आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे अपने विधायकों को बेंगलुरु ले जाए या लंदन, बीजेपी फिर भी चुनाव जीतने में सक्षम है क्योंकि जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर है।

विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि इस मामले में तेलंगाना के कांग्रेस नेताओं ने कुछ आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, जिससे यह पूरा मामला और जटिल हो गया है। हालांकि, उन्होंने नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि इसमें किसी तरह की राजनीतिक साजिश नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नामांकन रद्द होने के बाद राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस अब वैकल्पिक रणनीति पर विचार कर सकती है, जबकि बीजेपी अपनी स्थिति को मजबूत मान रही है।

इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह निर्णय निष्पक्ष नहीं है, जबकि चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सभी निर्णय नियमों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही लिए जाते हैं।

अब सभी की निगाहें 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव पर टिकी हैं, जहां बाकी उम्मीदवारों के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है।

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