मध्य प्रदेश

MP : डेवलपमेंट अथॉरिटी का बड़ा एक्शन, 299 लीज़होल्डर्स पर बकाया किराया वसूली की प्रक्रिया तेज

Kavita2
22 May 2026 10:18 AM IST
MP : डेवलपमेंट अथॉरिटी का बड़ा एक्शन, 299 लीज़होल्डर्स पर बकाया किराया वसूली की प्रक्रिया तेज
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : शहर में विकास प्राधिकरण ने लीज़ रेंट बकाया मामलों को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अथॉरिटी ने कुल 299 लीज़होल्डर्स की पहचान की है, जिन पर भारी मात्रा में लीज़ रेंट बकाया है। इन सभी को नोटिस जारी कर तय समय सीमा में भुगतान करने या फिर लीज़ रद्द होने जैसी कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में कई बड़े और महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं। बताया गया है कि जिन लीज़होल्डर्स पर 1 लाख रुपये से अधिक का बकाया है, उनकी एक विस्तृत सूची तैयार की गई है। इस सूची के आधार पर सभी डिफॉल्टर्स को नोटिस भेजा गया है और उन्हें जल्द से जल्द बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि लीज़धारकों को पहले अपने विवरण की जांच करनी होगी, जो अथॉरिटी के सिंगल विंडो सिस्टम या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है। सत्यापन के बाद उन्हें पेंडिंग भुगतान करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और बकाया वसूली प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है।

इस सूची में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़े संस्थान शामिल हैं। इनमें शॉपिंग मॉल ऑपरेटर्स, रियल एस्टेट बिल्डर्स, निजी शिक्षण संस्थान, बैंक, ऑयल कंपनियां, अस्पताल, होटल और कई प्रमुख डेवलपर्स के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा कमर्शियल संपत्तियों का उपयोग करने वाली कंपनियां, कंस्ट्रक्शन फर्म्स और कुछ राजनीतिक संगठनों से जुड़े नाम भी इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से बकाया लीज़ रेंट की वजह से विकास कार्यों और प्रशासनिक योजनाओं पर असर पड़ता है, इसलिए अब सख्ती से वसूली की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित लीज़ को रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और सभी बकायेदारों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी लीज़होल्डर्स की पहचान होने की संभावना है।

वहीं, इस कार्रवाई के बाद कई संस्थानों में हलचल देखी जा रही है और वे अपने दस्तावेजों की जांच में जुट गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि पारदर्शिता और नियमों के पालन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया को विकास प्राधिकरण की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने और बकाया वसूली को समय पर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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