- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- MP : साइक्लोनिक सिस्टम...
MP : साइक्लोनिक सिस्टम के असर से आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : एक मज़बूत वेदर सिस्टम, जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के प्रभाव से बना है, राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भोपाल, ग्वालियर और लगभग 45 जिलों में तेज़ हवाओं, आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक ट्रफ राज्य के मध्य हिस्से से गुजर रही है, जबकि दूसरा ट्रफ ऊपरी इलाके में सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में दो साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे पूरे वेदर सिस्टम की ताकत बढ़ गई है। इस कारण मौसम में अस्थिरता और तेज़ बदलाव देखा जा रहा है।
शनिवार सुबह सतना ज़िले में तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई, वहीं मैहर में भी बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम में हल्की बौछारें पड़ीं, जबकि सिवनी में बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने कहा कि ये शुरुआती बारिशें राज्य में बने साइक्लोनिक सिस्टम का प्रभाव हैं, और आने वाले घंटों में कई जगहों पर और अधिक तीव्र हवाएं और बिजली कड़कने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
उत्तरी और मध्य प्रदेश के जिलों जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलों और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी उन क्षेत्रों के लिए है, जहां तेज़ हवाओं के साथ अचानक बारिश और ओलों की संभावना अधिक है।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी और गुना समेत कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी है। ऑरेंज अलर्ट के तहत तेज़ हवाएं, बिजली कड़कने और झमाझम बारिश की संभावना रहती है, इसलिए लोग खुले क्षेत्रों में यात्रा करने में सतर्क रहें।
अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पंढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज़ हवाएं चलने, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना है।
मौसम विज्ञानियों ने नागरिकों से कहा कि वे इस दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। घरों के अंदर रहने की कोशिश करें, खुले इलाकों में यात्रा करते समय सतर्क रहें और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें। साथ ही, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचें।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह वेदर सिस्टम अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा। किसानों, यातायात विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश और तेज़ हवाओं से न सिर्फ खेती प्रभावित हो सकती है, बल्कि सड़क यातायात और बिजली आपूर्ति में भी बाधा आ सकती है।
इसलिए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां करने की सलाह दी है।





