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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक के बैंक खाते से 1.89 लाख रुपये गायब हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना ने एक बार फिर डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विजय नगर पुलिस स्टेशन (Vijay Nagar Police Station) के अनुसार, यह घटना ओमेक्स सिटी निवासी सूरज कुशवाह के साथ हुई, जो एक ऑनलाइन कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर वह अपने कार्यस्थल पर थे, तभी उनके मोबाइल फोन पर अचानक एक सॉफ्टवेयर अपडेट शुरू हो गया।
पीड़ित के अनुसार, अपडेट के दौरान उनका फोन सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहा था और वह उसे बंद करने की कोशिश करते रहे, लेकिन डिवाइस बंद नहीं हुआ। इसी बीच उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन अलर्ट आने लगे, जिससे उन्हें अनहोनी का शक हुआ।
जब उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की, तो पाया कि उनके UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.89 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। यह देखकर वे तुरंत घबरा गए और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस का मानना है कि यह मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है, जिसमें किसी तरह मोबाइल डिवाइस को हैक या रिमोट एक्सेस के जरिए नियंत्रित किया गया। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि नकली सॉफ्टवेयर अपडेट या मैलवेयर के जरिए फोन का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला गया हो।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में अपराधी अक्सर फर्जी अपडेट या लिंक के जरिए यूजर्स के मोबाइल में घुसपैठ करते हैं। एक बार एक्सेस मिलने के बाद वे बैंकिंग ऐप्स, OTP और UPI सिस्टम तक पहुंच हासिल कर लेते हैं, जिससे पैसे तेजी से ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांजैक्शन की पूरी डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। इसके साथ ही संबंधित बैंक और साइबर सेल को भी सूचना दे दी गई है, ताकि पैसे के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया जा सके।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान सॉफ्टवेयर अपडेट, लिंक या ऐप इंस्टॉलेशन पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही अपडेट करें। साथ ही UPI और बैंकिंग ऐप्स में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है।





