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इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के MP चैप्टर की शुरुआत अंकित मेहता बने पहले चेयरमैन
इंदौर। मध्य प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के मध्य प्रदेश चैप्टर की शुक्रवार को शुरुआत की गई। इस नए चैप्टर का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना और बड़े पैमाने पर निवेश के अवसर तैयार करना है। युवा व्यवसायी अंकित मेहता को मध्य प्रदेश चैप्टर का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि तपन अग्रवाल को एमपी काउंसिल का को-चेयरमैन बनाया गया है।
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में उद्योग जगत, सरकार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश समुदाय से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं, निवेश के अवसरों और भविष्य में विकसित किए जा सकने वाले नए औद्योगिक क्लस्टरों पर चर्चा की गई।
अंकित मेहता को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के एमपी चैप्टर की कमान युवा व्यवसायी अंकित मेहता को सौंपी गई है। उन्हें चैप्टर का पहला चेयरमैन बनाया गया है। वहीं तपन अग्रवाल को एमपी काउंसिल का को-चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
नई टीम के सामने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के साथ उद्योग जगत और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। इसके माध्यम से स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
एमपी चैप्टर प्रदेश में निवेश से जुड़े मुद्दों, उद्योगों की जरूरतों और कारोबारी संभावनाओं को विभिन्न मंचों पर सामने रखने की दिशा में भी काम करेगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश पर फोकस
नए चैप्टर का प्रमुख लक्ष्य मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करना है। इसके लिए देश और विदेश के निवेशकों के सामने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और कारोबारी अवसरों को प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा।
प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक आधार, उपलब्ध संसाधन और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को निवेशकों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
ICC का नेटवर्क प्रदेश के उद्योगों और संभावित निवेशकों के बीच संवाद स्थापित करने में भी भूमिका निभा सकता है। इससे निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को मजबूत करने की योजना
चैप्टर केवल नए निवेश को आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश में पहले से मौजूद औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत करना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
मौजूदा उद्योगों को विस्तार, नई तकनीक, बाजार और निवेश से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों को समझकर उनके सामने आने वाली व्यावसायिक चुनौतियों को संबंधित मंचों तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जा सकता है।
औद्योगिक क्लस्टर मजबूत होने से उनसे जुड़े छोटे और मध्यम उद्योगों को भी लाभ मिलने की संभावना रहती है। बड़े उद्योगों के आसपास सप्लाई चेन विकसित होने से नए कारोबार और रोजगार के अवसर भी तैयार हो सकते हैं।
नए इंटरनेशनल क्लस्टर्स के विकास पर जोर
ICC के एमपी चैप्टर के एजेंडे में भविष्य में नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना भी शामिल है। ऐसे क्लस्टर्स को वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुसार विकसित करने और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जाएगा।
इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की क्षमता का आकलन महत्वपूर्ण होगा। विनिर्माण, तकनीक, कृषि आधारित उद्योग, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए भविष्य की रणनीति तैयार की जा सकती है।
नए क्लस्टर्स के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
उद्योग और सरकार के बीच संवाद का मंच
लॉन्च कार्यक्रम में सरकार और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत के सामने निवेश, आधारभूत ढांचे, अनुमति, बाजार और नीतियों से संबंधित कई मुद्दे होते हैं। ऐसे में चैंबर उद्योगों और सरकार के बीच संवाद के लिए एक मंच की भूमिका निभा सकता है।
उद्योगों से मिलने वाले सुझावों को नीतिगत स्तर तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी कारोबारियों तक पहुंचाने में भी एमपी चैप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुआ लॉन्च
एमपी चैप्टर का औपचारिक लॉन्च ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों के अलावा सरकार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश समुदाय से जुड़े लोगों की भागीदारी रही।
इस दौरान मध्य प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। साथ ही उद्योगों के विकास के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
प्रदेश में निवेश को मिल सकती है नई रफ्तार
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के एमपी चैप्टर की शुरुआत को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में एक नए मंच के रूप में देखा जा रहा है।
चैप्टर के माध्यम से निवेशकों, स्थानीय कारोबारियों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने का प्रयास होगा। साथ ही प्रदेश की निवेश संभावनाओं को देश और विदेश में अधिक प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा।
अंकित मेहता के नेतृत्व और तपन अग्रवाल की सह-अध्यक्षता में शुरू हुए इस चैप्टर के सामने अब प्रदेश में वास्तविक निवेश आकर्षित करने, मौजूदा औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत बनाने और नए अंतरराष्ट्रीय क्लस्टर्स के विकास का माहौल तैयार करने की चुनौती होगी। आने वाले समय में चैप्टर की गतिविधियों और निवेश से जुड़ी पहलों पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।





