मध्य प्रदेश

MP : एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा, छह गांवों में शुरू होगा स्टारगेज़िंग प्रोजेक्ट

Kavita2
16 Jun 2026 10:49 AM IST
MP : एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा, छह गांवों में शुरू होगा स्टारगेज़िंग प्रोजेक्ट
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सरकार राज्य में एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक नया स्टारगेज़िंग प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य कम प्रकाश प्रदूषण वाले ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करना और खगोल विज्ञान आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।

इस परियोजना के लिए राज्य के छह गांवों की पहचान की गई है, जहां आसमान साफ और प्रकाश प्रदूषण बेहद कम है। इनमें दमोह जिले का रिछकुड़ी, धार का ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा का धुसावानी, बैतूल का बांचा, नर्मदापुरम का ढाब और उमरिया का रांचा गांव शामिल हैं। इन स्थानों को स्टारगेज़िंग के लिए उपयुक्त माना गया है।

स्टारगेज़िंग का अर्थ है रात के समय खुले आसमान में तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों का अवलोकन करना। यह अवलोकन बिना किसी उपकरण के नंगी आंखों से या फिर दूरबीन और टेलीस्कोप की सहायता से किया जा सकता है। एस्ट्रो-टूरिज्म के माध्यम से पर्यटक इन गांवों में आकर रात के आकाश का अनुभव ले सकेंगे और खगोल विज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव में बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रम, खगोल उपकरणों की उपलब्धता और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अनुमान के अनुसार, इस परियोजना पर प्रति गांव लगभग 1 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होमस्टे, गाइडिंग, लोकल ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यवसायों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश का भौगोलिक और प्राकृतिक वातावरण एस्ट्रो-टूरिज्म के लिए काफी उपयुक्त है। कम प्रदूषण और खुले आसमान वाले क्षेत्रों में पर्यटक ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से देख और समझ सकते हैं।

इसके साथ ही यह परियोजना छात्रों और युवाओं के लिए विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में रुचि बढ़ाने का भी माध्यम बनेगी। स्कूल और कॉलेज स्तर पर शैक्षणिक भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य को नए पर्यटन मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाएगी और मध्य प्रदेश को एस्ट्रो-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

फिलहाल परियोजना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास का काम शुरू किया जाएगा।

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