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MP बोर्ड ने सेकंड एग्जाम 2026 की आवेदन तिथि बढ़ाई, कम रजिस्ट्रेशन पर लिया फैसला

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी सेकंड परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। यह निर्णय उन योग्य छात्रों की कम भागीदारी को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें मुख्य परीक्षा में असफल होने के बाद दूसरा अवसर दिया जा रहा है।
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया पहले 22 अप्रैल तक निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 26 अप्रैल कर दिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देना है, ताकि कोई भी पात्र छात्र इस सुविधा से वंचित न रह जाए।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अब तक केवल लगभग 50 प्रतिशत असफल छात्र ही इस परीक्षा के लिए आवेदन कर पाए हैं। यह आंकड़ा अपेक्षा से काफी कम बताया जा रहा है, जिसके चलते विभाग ने आवेदन की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कम भागीदारी के कारण इस योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा था।
इस विशेष परीक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को एक और मौका देना है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में सफल नहीं हो पाए थे। इसके जरिए छात्रों को अपने शैक्षणिक वर्ष को बचाने और आगे की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलता है। लेकिन आवेदन में कम रुचि ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई जिलों में छात्रों को इस परीक्षा के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाई, जिसके कारण भी आवेदन की संख्या कम रही है। अब शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों और जिला स्तर पर जागरूकता अभियान तेज करने की संभावना है, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकें।
बोर्ड का मानना है कि यह परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में सुधार कर सकते हैं और भविष्य की कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी कारण से सरकार और बोर्ड दोनों ही इस योजना को सफल बनाना चाहते हैं।
अब 26 अप्रैल तक बढ़ाई गई समय सीमा से उम्मीद की जा रही है कि अधिक छात्र आवेदन करेंगे और इस विशेष परीक्षा योजना का लाभ उठाएंगे। शिक्षा विभाग ने संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित करें।
फिलहाल, MPBSE इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और आगे की रणनीति पर भी विचार कर रहा है ताकि किसी भी योग्य छात्र को परीक्षा से वंचित न रहना पड़े।





