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मध्य प्रदेश
MP : पुलिस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, सॉल्वर गैंग का खुलासा
Saba Naaz
7 Jun 2025 8:42 PM IST

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Bhopal भोपाल : परीक्षा में सॉल्वर बैठाने, आधार कार्ड में बायोमेट्रिक हेरफेर और दस्तावेजों में गड़बड़ी के जरिए कई अभ्यर्थियों ने धोखाधड़ी की। अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में 22 अभ्यर्थियों के खिलाफ 21 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 24 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
मध्यप्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती परीक्षा में दूसरे लोगों को बैठाकर परीक्षा दिलवाने और आधार कार्ड में बायोमेट्रिक बदलाव के जरिए हेराफेरी की गई। इस घोटाले में अब तक 22 अभ्यर्थियों के खिलाफ 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 24 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की पुष्टि आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह ने पुलिस मुख्यालय में की। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
वर्ष 2023 में पुलिस आरक्षक जीडी और रेडियो पदों के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 6,52,057 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद लिखित परीक्षा में चयनित 55,220 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 16 अक्टूबर से 20 नवंबर 2024 तक हुई, जिसके बाद 6,423 अभ्यर्थी (5090 पुरुष, 1333 महिला) चयनित हुए। मगर इस प्रक्रिया के दौरान कई जिलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मुरैना में 5 अभ्यर्थियों की जगह अन्य लोग शारीरिक दक्षता परीक्षा देने पहुंचे।
संदेह होने पर उन्हें परीक्षा से बाहर कर FIR दर्ज की गई। भर्ती प्रक्रिया में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा से पहले और बाद में दो बार आधार कार्ड का बायोमेट्रिक संशोधन कराया। इस संशोधन के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा दिलवाने की साजिश रची गई। दस्तावेज जांच और तकनीकी विश्लेषण से यह बात सामने आई कि अभ्यर्थियों की हस्तलिपि, फिंगरप्रिंट और लोकेशन में असंगति थी।प्रदेशभर में केस दर्ज
अब तक 22 अभ्यर्थियों के खिलाफ 21 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसमें मुरैना में सात प्रकरण, शिवपुरी में 6 , श्योपुर में दो और इंदौर, दतिया, ग्वालियर, अलीराजपुर, राजगढ़, शहडोल: 1-1 प्रकरण दर्ज है। आईजी अंशुमान सिंह ने बताया कि कुछ आधार कार्ड वेंडरों ने लाभ कमाने के लिए बिना सत्यापन के संशोधन को अपलोड किया, जिसका अपराधियों ने फायदा उठाया।
एक सॉल्वर कई जगह हुआ सक्रिय जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही व्यक्ति ने कई अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा दी। इसके लिए संबंधित सॉल्वर को मोटी रकम दी गई थी। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और गिरफ्तारियां जारी हैं। आईजी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सीबीआई या एसआईटी जांच की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पुलिस मुख्यालय स्तर पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। डीजीपी के निर्देशन में चयन शाखा और अन्य इकाइयों ने गहन छानबीन की है।
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