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MP : भेड़ाघाट हाई अलर्ट पर, धुआंधार फॉल्स में प्रवेश और बोटिंग बंद
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : जबलपुर जिले का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट इस मानसून सीजन में हाई अलर्ट पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे धुआंधार जलप्रपात और आसपास के क्षेत्रों में हादसों की आशंका बढ़ गई है। संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन ने धुआंधार फॉल्स के प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है, वहीं भेड़ाघाट में नौकायन (बोटिंग) को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान नर्मदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और तेज बहाव के कारण स्थिति कुछ ही मिनटों में खतरनाक हो सकती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
जलस्तर बढ़ने से बढ़ा खतरा
पिछले कुछ दिनों से जबलपुर सहित नर्मदा के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। इसका सीधा असर भेड़ाघाट और धुआंधार फॉल्स पर दिखाई दे रहा है। नदी में पानी का बहाव तेज होने के साथ जलप्रपात का स्वरूप भी अधिक उग्र हो गया है।
Amazing Dhuandhar Falls of Madhaya Pradesh 😍
— Go Homestays (@GoHomestay) April 7, 2023
it’s a waterfall in Jabalpur district pic.twitter.com/gnKm40osO5
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान धुआंधार फॉल्स के आसपास की चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं। कई बार पर्यटक रोमांच के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित कर दिया है।
धुआंधार फॉल्स के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश पर रोक
जिला प्रशासन ने धुआंधार जलप्रपात के उन हिस्सों में पर्यटकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जहां पानी का बहाव अत्यधिक तेज है या जहां से फिसलकर नदी में गिरने का खतरा बना रहता है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रतिबंधित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति सुरक्षा घेरा पार न कर सके।
भेड़ाघाट में नौकायन बंद
भेड़ाघाट की संगमरमर की चट्टानों के बीच नौकायन यहां आने वाले पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। लेकिन नदी में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नौकायन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलस्तर सामान्य होने और मौसम में सुधार के बाद ही बोटिंग दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
'रोको-टोको' अभियान शुरू
पर्यटकों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने विशेष 'रोको-टोको' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी पर्यटन स्थल पर आने वाले लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोक रहे हैं और उन्हें संभावित खतरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य केवल रोकना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि कई पर्यटक फोटो और वीडियो बनाने के लिए जोखिम उठाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थानों से ही प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने की सलाह दी जा रही है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
भेड़ाघाट और धुआंधार फॉल्स क्षेत्र में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से पर्यटकों को लगातार सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
प्रशासन ने स्थानीय नाव संचालकों, दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े लोगों से भी सहयोग मांगा है ताकि वे पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोकने में मदद करें।
मानसून में बढ़ जाती है पर्यटकों की संख्या
हर वर्ष बारिश के मौसम में धुआंधार फॉल्स का मनमोहक दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक जबलपुर पहुंचते हैं। तेज जलधारा और संगमरमर की घाटियों के बीच बहती नर्मदा का दृश्य लोगों को आकर्षित करता है। हालांकि इसी मौसम में दुर्घटनाओं का खतरा भी सबसे अधिक रहता है।
प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना जरूरी है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना उससे भी अधिक आवश्यक है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
भेड़ाघाट क्षेत्र में अतीत में कई बार पर्यटकों के फिसलने, तेज बहाव में बहने और नाव दुर्घटनाओं जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन्हीं अनुभवों को देखते हुए प्रशासन मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरत रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि समय रहते प्रतिबंध लगाने और लोगों को जागरूक करने से संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सुरक्षित क्षेत्रों में ही भ्रमण करें। किसी भी प्रकार की चेतावनी, बैरिकेडिंग या प्रतिबंधित क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें। साथ ही मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था लगातार मौसम की स्थिति के अनुसार समीक्षा की जा रही है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो आवश्यकतानुसार अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट की प्राकृतिक सुंदरता मानसून में अपने चरम पर होती है, लेकिन इसी दौरान खतरे भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाए गए एहतियाती कदम पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नियमों का पालन और सतर्कता ही इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षित यात्रा का सबसे बड़ा आधार है।





