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- MP : मुआवजे की जगह...

एमपी | मध्य प्रदेश विधानसभा में नगर और ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया है। इस नए कानून के तहत, सरकार अब भूमि अधिग्रहण के बदले नगद मुआवजा नहीं देगी, बल्कि मालिकों को 50% विकसित भूखंड दिया जाएगा।
क्या है नया प्रावधान?
अब यदि सरकार किसी व्यक्ति की जमीन अधिग्रहण करती है, तो मुआवजे की बजाय विकसित क्षेत्र में 50% भूखंड दिया जाएगा। यह जमीन सड़क, पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से लैस होगी, जिससे भूमि मालिकों को ज्यादा लाभ मिलेगा।
बिल पास होने के पीछे सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि इस नए मॉडल से जमीन मालिकों को उनकी संपत्ति का सही मूल्य मिलेगा और सरकार को नई विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में आसानी होगी। साथ ही, यह योजना भू-संपत्ति को लेकर होने वाले विवादों को भी कम करेगी।
किसे होगा फायदा?
जिनकी जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें नगद मुआवजे के बजाय विकसित भूखंड मिलेगा।
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शहरी और ग्रामीण इलाकों में नई परियोजनाओं की गति बढ़ेगी।
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भूमि मालिकों को उनके मूल स्थान के पास ही पुनर्वास का अवसर मिलेगा।
विपक्ष का विरोध
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस संशोधन का विरोध किया, उनका कहना है कि सभी भूमि मालिक इस योजना से संतुष्ट नहीं होंगे। कई लोग नगद मुआवजा चाहते हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें यह विकल्प नहीं दिया।
अगले कदम
इस विधेयक के लागू होने के बाद सरकार जल्द ही इस नीति को प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू करने की योजना बना रही है। इसका असर नई सड़कों, टाउनशिप, औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य सरकारी परियोजनाओं में देखने को मिलेगा।





