मध्य प्रदेश

MP : मानसून कमजोर रहने का अनुमान, 47 जिलों में कम बारिश की चेतावनी जारी

Kavita2
10 Jun 2026 10:06 AM IST
MP : मानसून कमजोर रहने का अनुमान, 47 जिलों में कम बारिश की चेतावनी जारी
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने इस साल मध्य प्रदेश में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में वर्षा सामान्य स्तर से नीचे रह सकती है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका है।

IMD के अनुमान के मुताबिक भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कुल 47 जिलों में इस बार सामान्य मौसमी बारिश का केवल 90 से 95 प्रतिशत ही वर्षा होने की संभावना है। इस कमी का असर खासकर उन क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल सकता है जो पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का यह अनुमान सही साबित होता है, तो राज्य के कई हिस्सों में जल स्तर, फसल उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। खासकर खरीफ सीजन की फसलों पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है।

इसी बीच IMD ने बुधवार को राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अलर्ट जारी किए गए जिलों में बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला और अनूपपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में मानसून सक्रिय है और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण तेज बारिश की घटनाएं हो सकती हैं। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मानसून कमजोर रहता है, तो किसानों को वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था और फसल योजना पर ध्यान देना होगा। राज्य में बड़ी संख्या में किसान वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं, ऐसे में कम बारिश की स्थिति चिंता का विषय बन सकती है।

राज्य प्रशासन ने भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। साथ ही बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की गई है।

IMD का यह पूर्वानुमान राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर आधारित है। यदि बारिश का स्तर अनुमान से कम रहता है, तो इसका सीधा असर उत्पादन और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है।

फिलहाल, जहां एक ओर कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं पूरे राज्य में मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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