मध्य प्रदेश

मंदसौर में नाले में बहे मां-बेटा, खंडवा में स्कूल बंद

Admin4
19 July 2022 9:22 AM GMT
मंदसौर में नाले में बहे मां-बेटा, खंडवा में स्कूल बंद
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मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नर्मदा-ताप्ती क्षिप्रा समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते नदी के किनारे पर बसे क्षेत्रों और निचली बस्तियों में जलप्लावन की स्थिति बनी हुई है। नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं, जिसके चलते डैम से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। तवा डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते नर्मदापुरम शहर के पास बांद्राभान में नर्मदा नदी में मिलता है। इससे हरदा, देवास, सीहोर, खरगोन, बड़वानी के पास नदी किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

उफनती नदी में गिरा युवक

खरगोन जिले में 70 किलोमीटर दूर झिरन्या थाना क्षेत्र के राजपुरा में उफनती नदी के पास पैर फिसलने से एक युवक की बाढ़ में बहने से मौत हो गई।करीब 2 किमी दूर जाकर ग्रामीणों ने युवक को नदी से बाहर निकाला लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। युवक किराने का सामान लेने गांव की दुकान पर गया था, इसी दौरान पास में बह रही छोटी नदी के किनारे पर उसका पैर फिसल गया और बह उफनती नदी में गिर गया। झिरन्या नदी से उसकी लाश निकाली गई। मृतक का नाम कनिया भास्कर था।

उफनाए नाले में मां-बेटा बहे, उज्जैन में बोलेरे बही

मंदसौर में उफनाए नाले को पार करते समय बाइक सवार मां-बेटा ह गए। बेटे को किसी तरह वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया लेकिन हादसे में मां की मौत हो गई। वहीं, उज्जैन के महिदपुर में बोलेरो बह गई। किसी तरह बोलेर में सवार तीन लोगों को बचा लिया गया।

भोपाल में गड्ढे में डूबे बच्चों की मौत

राजधानी भोपाल में भी बारिश का कहर जारी है, जहां भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव के हालात हैं तो वहीं, बैरसिया क्षेत्र में घर के पास बने बरसाती गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा सोमवार शाम का है। बताया जा रहा है कि बच्चे खेलते समय फिसलकर गड्ढे में गिर गए थे। मृतकों की पहचान 13 साल के सेटू जाटिव पिता रामचरण और 12 साल के राजवीर पिता ज्ञानसिंग के रूप में की गई है। लगातार बारिश से भोजताल का जलस्तर 1664.85 फीट तक पहुंच गया। तालाब का फुल टैंक लेवल 1666.80 है।

सुखतवा नदी पर बना पुल बहा

बैतूल के पास सुखतवा नदी उफान पर है, भारी बारिश के चलते नदी पर बने अस्थाई पुल का कोना बह गया, जिसके चलते भोपाल-नागपुर हाईवे 11 घंटे बंद रहा। बैतूल, पिपरिया और पचमढ़ी के ऊंचे इलाकों में हो रही भारी बारिश की वजह से तवा डैम के गेट इस सीजन में दूसरी बार खोले गए। रविवार रात में डैम के सभी 13 गेट 10-10 फीट तक खोलकर भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। सुबह 6 गेट बंद किए गए हैं।

इटारसी में घरों में घुसा पानी

भारी बारिश के चलते इटारसी शहर में बाढ़ के हालात बने हैं। नाला मोहल्ला और मेहरागांव के घरों में पानी घुस गया है। कई क्षेत्रों में 2 से 3 फीट तक पानी भरा है।

यशवंत सागर बांध के गेट खुले

इंदौर में सोमवार रात से बारिश जारी है। रात भर में शहर में 27 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते यशवंत सागर डैम का एक गेट मंगलवार सुबह खोला गया। मंगलवार सुबह भी शहर में बादल छाए हुए हैं, हल्की बूंदाबांदी जारी है। मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के अनुसार वर्तमान में दक्षिणी पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। साथ ही 7.6 किलोमीटर तक ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं का घेरा भी बना है। इसका झुकाव दक्षिण पश्चिमी दिशा की ओर है। जिसके चलते इंदौर में सोमवार को दिनभर बारिश हुई और मंगलवार को हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। बीते दो दिनों से इंदौर में तेज व मध्यम बारिश का हो रही है। दौर जारी है।

खंडवा में पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल बंद

खंडवा जिले में आबना नदी में उफान पर है। जिसके चलते किशोर कुमार के समाधि स्थल और इंदौर रोड तक पानी आ गया है। मौसम को देखते हुए खंडवा प्रशासन ने मंगलवार को कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी।

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