मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में थमा मानसून का जोर, सात दिनों से भारी बारिश नहीं; किसानों की बढ़ी चिंता

Kavita2
16 July 2026 12:31 PM IST
मध्य प्रदेश में थमा मानसून का जोर, सात दिनों से भारी बारिश नहीं; किसानों की बढ़ी चिंता
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भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से राज्य के कई हिस्सों में चिंता बढ़ने लगी है। पिछले सात दिनों से प्रदेश में भारी या बहुत भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है। खासकर कृषि आधारित इलाकों में बारिश की कमी किसानों के लिए चिंता का कारण बन रही है।

मानसून के इस दौर में जहां पहले अच्छी बारिश से कई क्षेत्रों में राहत मिली थी, वहीं अब लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम होने और फसलों पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने हालांकि कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है।

कई जिलों में हल्की बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इनमें इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित कई जिले शामिल हैं।

इसके अलावा भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

वहीं रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

कई जिलों में गर्मी और उमस का असर

प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना कम रहने के कारण गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है।

इसके अलावा विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में भी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों की बढ़ी चिंता

मानसून की धीमी रफ्तार का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों के लिए इस समय पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है। लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी हो सकती है, जिसका असर फसलों की वृद्धि पर पड़ सकता है।

किसानों का कहना है कि शुरुआती दौर में हुई बारिश से खेती के काम में तेजी आई थी, लेकिन अब बारिश का लंबा अंतराल चिंता बढ़ा रहा है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं होती है तो कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।

जलाशयों और भूजल पर भी असर की आशंका

बारिश की कमी का असर जल स्रोतों पर भी पड़ सकता है। मानसून के दौरान होने वाली अच्छी बारिश से जलाशयों, तालाबों और भूजल स्तर में सुधार होता है। लेकिन लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

हालांकि, प्रदेश में मानसून का पूरा सीजन अभी बाकी है और मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम विभाग की निगरानी जारी

मौसम विभाग प्रदेश में मानसून की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग के अनुसार, फिलहाल कुछ क्षेत्रों में स्थानीय प्रभावों के कारण बारिश हो सकती है, लेकिन बड़े स्तर पर भारी बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होने पर बारिश की गति फिर बढ़ सकती है।

लोगों को राहत का इंतजार

प्रदेश के कई जिलों में लोग अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के साथ-साथ आम लोगों की नजर भी मानसून की अगली गतिविधियों पर टिकी हुई है।

यदि जल्द बारिश होती है तो फसलों और जल स्रोतों के लिए राहत मिल सकती है। वहीं, लंबे समय तक बारिश नहीं होने की स्थिति में कृषि और जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून की स्थिति सामान्य से धीमी बनी हुई है और सभी की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर हैं।

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