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Mohan Yadav ने ग्वालियर में ऋषि गालव यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन किया

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को ग्वालियर में ऋषि गालव यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बेला गांव में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। यह परियोजना क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार और स्थानीय छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह यूनिवर्सिटी लगभग 55 बीघा भूमि पर विकसित की जाएगी और इस परियोजना पर करीब 110 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि इस संस्थान के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को मजबूत किया जाए और युवाओं को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस यूनिवर्सिटी से स्थानीय छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने स्थानीय विकास कार्यों की समीक्षा की और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रीय राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत मिल रहा है और देशभर से पार्टी को बधाइयां मिल रही हैं। उनके अनुसार यह जनसमर्थन पार्टी की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता के भरोसे को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में चुनावी रुझान और नतीजों को लेकर चर्चा तेज है।
स्थानीय स्तर पर ऋषि गालव यूनिवर्सिटी के भूमि पूजन को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में शिक्षा का नया माहौल बनेगा और छात्रों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
कुल मिलाकर, ग्वालियर में शुरू हुई यह यूनिवर्सिटी परियोजना शिक्षा और विकास दोनों दृष्टिकोण से एक अहम कदम मानी जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान ने इसे और भी चर्चा में ला दिया है।





