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भोपाल में छात्रों के बीच मोहन यादव का बड़ा बयान, विदेशी नागरिकों के वोट देने पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में आयोजित छात्र-युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सवाल किया कि क्या पाकिस्तान भारत में आकर बम विस्फोट कर सकता है? इस पर छात्रों ने एक स्वर में 'नहीं' कहा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जोरदार तालियां बजाने की अपील की। भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची की शुद्धता का समर्थन करते हुए सवाल उठाया कि भारत में वोट देने का अधिकार देश के नागरिकों को मिलना चाहिए या विदेशियों को। उन्होंने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया और कांग्रेस तथा विपक्षी दलों पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
भोपाल के ओरिएंटल कॉलेज में हुआ छात्र-युवा संवाद
राजधानी भोपाल के रायसेन रोड स्थित ओरिएंटल कॉलेज में मंगलवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ युवा संवाद-2026' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने विद्यार्थियों से लोकतंत्र, मतदान प्रक्रिया, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के विकास से जुड़े कई सवाल पूछे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर जागरूक रहने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
CM ने पूछा- क्या पाकिस्तान भारत में बम फोड़ सकता है?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए विद्यार्थियों से सवाल किया कि क्या पाकिस्तान भारत में आकर बम विस्फोट कर सकता है।
छात्रों ने इसका जवाब 'नहीं' में दिया।
इस पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से उनके समर्थन में तालियां बजाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री के सवाल-जवाब चर्चा का विषय बने।
वोटर लिस्ट पर छात्रों से पूछे कई सवाल
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन करते हुए विद्यार्थियों से कई सवाल किए।
उन्होंने पूछा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची सही होनी चाहिए या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि मतदान करने वाला व्यक्ति जीवित होना चाहिए या मृत।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची में केवल पात्र लोगों के नाम होना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी पूछा कि भारत में मतदान करने का अधिकार भारतीय नागरिकों को होना चाहिए या विदेशियों को।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। इसमें घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन भी शामिल है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया
एसआईआर पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कथित विदेशी घुसपैठियों का भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि भारत में मतदान का अधिकार पात्र भारतीय नागरिकों को मिलना चाहिए। किसी विदेशी नागरिक को गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची में दर्ज विवरण की जांच को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम दर्ज हों और गलत प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार ठीक किया जाए।
हालांकि, मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम हटाने या जोड़ने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सत्यापन आवश्यक है। किसी समुदाय या व्यक्ति को बिना प्रमाण विदेशी नागरिक नहीं माना जा सकता।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के प्रति राजनीतिक दलों का रवैया परिणामों के आधार पर नहीं बदलना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी के दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर भी टिप्पणी की।
भाजपा का दावा है कि मतदाता सूची की जांच चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए की जा रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दल एसआईआर प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका जताते रहे हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस लगातार जारी है।
MPPSC की परीक्षा साल में दो बार कराने की घोषणा
छात्र-युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने और उच्च शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सरकार का मानना है कि परीक्षाओं की नियमितता बढ़ने से अभ्यर्थियों को अधिक अवसर मिल सकेंगे।
हालांकि, परीक्षा की वास्तविक तिथियां और विस्तृत कार्यक्रम आयोग की आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होंगे।
2027 को मध्य प्रदेश में मनाया जाएगा युवा वर्ष
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि राज्य सरकार वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और अन्य क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रदेश और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
सरकार की ओर से युवाओं के लिए नई पहल और अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
राम मंदिर और नए संसद भवन का भी किया जिक्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और देश के नए संसद भवन का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का महत्व बढ़ा है।
उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया के सबसे शक्तिशाली और समृद्ध देशों में शामिल करने का लक्ष्य दोहराया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
कार्यक्रम में छात्रों ने दी हनुमान चालीसा की प्रस्तुति
ओरिएंटल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हनुमान चालीसा की सांगीतिक प्रस्तुति भी दी।
कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यमंत्री कृष्णा गौर, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, ओरिएंटल कॉलेज के अध्यक्ष प्रवीण ठकराल सहित कई पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक हासिल किए, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
SIR को लेकर प्रदेश में तेज हुई राजनीतिक बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा जारी है।
भाजपा इसे मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की आवश्यक प्रक्रिया बता रही है। वहीं, विपक्ष इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दे रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्र-युवा संवाद के जरिए इस मुद्दे पर अपनी सरकार और पार्टी का पक्ष रखा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा, मतदान अधिकार, युवा रोजगार और विकसित भारत जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया गया।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस आने वाले दिनों में क्या दिशा लेती है।





