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मध्य प्रदेश
मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, पचमढ़ी का 395 हेक्टेयर क्षेत्र अभ्यारण से बाहर
SHIDDHANT
27 Jan 2026 9:19 PM IST

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Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। इस फैसले के मुताबिक, पचमढ़ी के 395 हेक्टेयर क्षेत्र को अभ्यारण से बाहर कर दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हेक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हेक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभ्यारण क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गई है।
मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के नौ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना के अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृति अनुसार, तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रुपए है, और प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांय तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रुपए है, और प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृति अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। मंत्रिपरिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 के स्थान पर संशोधित योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025 की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपए व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।
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