मध्य प्रदेश

मोहन सरकार का विकास पर जोर, कैबिनेट बैठक में 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के अहम प्रस्ताव पास

Ratna Netam
27 Oct 2026 6:13 PM IST
मोहन सरकार का विकास पर जोर, कैबिनेट बैठक में 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के अहम प्रस्ताव पास
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भोपाल : 27 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें सिंचाई परियोजनाओं, वन संरक्षण, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और आर्थिक अपराधों की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।सरकार का उद्देश्य बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के साथ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। बैठक में नवगठित जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने पर भी सहमति बनी।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट बैठक में किसानों और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार परियोजनाओं को जारी रखने के लिए 3,378 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई।ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों से संबंधित हैं। वर्ष 2019-20 से संचालित इन योजनाओं की निरंतरता से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।सरकार का मानना है कि सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायता मिल सकती है।
वन संरक्षण के लिए 2,050 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने वन संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए कैंपा (CAMPA) फंड के अंतर्गत 2,050 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है।इस राशि का उपयोग वन क्षेत्रों के संरक्षण, पर्यावरणीय सुधार और संबंधित गतिविधियों के लिए किया जाएगा। कैंपा निधि का उद्देश्य वन भूमि के अन्य उपयोगों से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों की भरपाई तथा क्षतिपूरक वनीकरण को बढ़ावा देना है।राज्य सरकार के इस निर्णय से वन प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए 345 करोड़ रुपये
प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।इस निर्णय से आर्थिक अपराधों की जांच से जुड़ी व्यवस्थाओं और विभागीय कार्यों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिलेगी।बैठक में नगरीय निकायों में खरीदी संबंधी अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में 392 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन योजनाओं को 351 करोड़
मंत्रिपरिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की सात योजनाओं को जारी रखने के लिए 351 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और दिव्यांग नागरिकों तक सरकारी सहायता पहुंचाना तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं को जारी रखना है। इस निर्णय से संबंधित कल्याणकारी कार्यक्रमों की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
चार जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
प्रदेश के नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।इन कार्यालयों के खुलने से स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक योजनाओं की निगरानी, विद्यालयों से जुड़े प्रशासनिक कार्य और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों को शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यों के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अल्पवर्षा और किसानों की समस्याओं पर चर्चा
बैठक में प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति और किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा हुई। सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों और प्रभावित किसानों की स्थिति पर विचार किया।इसके अलावा दीपावली के अवसर पर माटी कला और इससे जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
विकास कार्यों को गति देने पर जोर
मध्य प्रदेश सरकार के इन फैसलों में सिंचाई, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में लिए गए निर्णयों से विभिन्न विभागों की योजनाओं को वित्तीय सहायता मिलने के साथ जिलों में प्रशासनिक सेवाओं के विस्तार का रास्ता साफ हुआ है।हालांकि, योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और स्वीकृत राशि के प्रभावी उपयोग पर निर्भर करेगा।
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