मध्य प्रदेश

ईपीएफओ के सैलरी सीमा में संसोधन का विचार कर रही मोदी सरकार

Teja
24 Nov 2022 11:55 PM IST
ईपीएफओ के सैलरी सीमा में संसोधन का विचार कर रही मोदी सरकार
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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)के सैलरी सीमा में संसोधन का विचार कर रही है। मोदी सरकार पेंशन स्कीम के तहत सैलरी सीमा को संशोधित करने पर विचार कर रही है। ये संशोधन कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के योगदान में होगा। इस नए संशोधन के बाद कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों के योगदान में बढ़ोतरी होगी। वहीं संशोधन के बाद ईपीएफओ के तहत अधिक लोगों को जुड़ने का मौका मिलेगा।

वर्तमान में सैलरी सीमा 15000 रुपए प्रति माह हैं इस बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अगर सैलरी सीमा में संशोधन किया जाता है तब कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अनिवार्य योगदान में बढ़ोतरी होगी। जिसका लाभ कर्मचारियों को उनकी रिटायरमेंट सेविंग पर मिलेगा। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा केवरेट में और अधिक श्रमिक और कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। साल 2014 में सरकार ने ईपीएफओ सीमा बढ़ोतरी की थी और इस 6500 रुपए से बढ़ाकर 15000 रुपए प्रति माह कर दिया था

ईपीएफओ के सैलरी सीमा में आठ बार संशोधन किया जा चुका है। सबसे पहले साल 1952 में सैलरी सीमा 300 रुपए थी जिससे 1957 रुपए में इस 500 रुपए 1962 रुपए 1000 रुपए साल 1976 में 2500 रुपए किया गया है। वहीं 1985 में इसे बढ़ाकर 3500 रुपए 1990 में 5000 रुपए किया गया। साल 1994 में इसे 6500 रुपए कर दिया गया और साल 2014 से अब तक ये सीमा 15000 रुपए बनी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार इस एक बार फिर से संशोधित कर 21000 रुपए प्रति माह कर सकती है। अगर सरकार ये फैसला लेती है तब ईपीएफएओ पेशन का लाभा पाने के लिए मिनिमम सैलरी की लिमिट बढ़ जाएगी।

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