मध्य प्रदेश

मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रिजेक्ट, BJP और ECI पर विवाद

Kavita2
10 Jun 2026 1:42 PM IST
मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रिजेक्ट, BJP और ECI पर विवाद
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रिजेक्ट होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नटराजन ने नॉमिनेशन रिजेक्शन को राजनीतिक साजिश बताया और बीजेपी तथा इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मीडिया से बातचीत में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उनका नॉमिनेशन रिजेक्ट होना पूरी तरह से पॉलिटिकल मोटिवेशन से प्रभावित था। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन इस मामले में अपने दायित्व और निष्पक्षता से समझौता कर चुका है। उन्होंने कहा, "मेरा नॉमिनेशन रिजेक्ट होना पॉलिटिक्स से मोटिवेटेड था, ECI कॉम्प्रोमाइज़्ड है।"

नटराजन ने आगे कहा कि बीजेपी ने तीसरी राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार उतारने का फैसला तब किया जब पार्टी ने देखा कि कांग्रेस की लेजिस्लेचर पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। उनका मानना है कि बीजेपी ने इस कदम के जरिए कांग्रेस की सीट जीतने की संभावनाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।

इसके साथ ही, नटराजन ने इलेक्शन कमीशन पर भी आरोप लगाया कि उसने सही तरीके से प्रक्रिया का पालन नहीं किया और राजनीतिक दबाव में आकर गलत निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए गंभीर चुनौती है और इससे आम जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है।

मीनाक्षी नटराजन के अनुसार, उनका नॉमिनेशन पूरी तरह वैध था और सभी नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने बीजेपी के इस कदम को गैरकानूनी और अनुचित बताया और कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।

इस घटना के बाद कांग्रेस ने भी अपनी नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक साजिशों और दबाव के बावजूद पार्टी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में खड़ी है। पार्टी ने कहा कि वे कानूनी और संवैधानिक उपायों के जरिए इस मामले में न्याय प्राप्त करेंगे और लोकतंत्र के सिद्धांतों की रक्षा करेंगे।

नटराजन की प्रतिक्रिया आने के बाद चुनाव की प्रक्रिया और इलेक्शन कमीशन की निष्पक्षता पर सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला मध्य प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावों पर भी असर डाल सकता है।

राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन रिजेक्शन और उसके पीछे के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। नटराजन की तरफ से किए गए आरोपों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इलेक्शन कमीशन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उम्मीदवारों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है।

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