मध्य प्रदेश

सड़क निर्माण में लापरवाही पर भड़के मेयर पुष्यमित्र भार्गव, अधिकारियों को 30 दिन का अल्टीमेटम

Kavita2
25 Oct 2026 10:18 AM IST
सड़क निर्माण में लापरवाही पर भड़के मेयर पुष्यमित्र भार्गव, अधिकारियों को 30 दिन का अल्टीमेटम
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़क निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार और खराब गुणवत्ता को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को महापौर ने मनीषपुरी इलाके का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण की धीमी गति, डामरीकरण में हो रही देरी, पैचवर्क की खराब गुणवत्ता और क्षेत्र में साफ-सफाई की कमी पर अधिकारियों को फटकार लगाई। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क का बचा हुआ निर्माण कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे।

महापौर ने अधिकारियों को दिवाली के बाद सड़क के उद्घाटन की तैयारी करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर निर्माण कार्यों की समीक्षा न करें, बल्कि खुद मौके पर पहुंचकर काम की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी करें।

मनीषपुरी में अचानक पहुंचे महापौर

शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव अचानक मनीषपुरी इलाके में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क की स्थिति और निर्माण की प्रगति देखी।

सड़क निर्माण की धीमी गति को देखकर महापौर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कार्य में देरी के संबंध में जानकारी ली और जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डामरीकरण में देरी और पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए।

महापौर ने साफ किया कि शहर के विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के लिए कहा।

सड़क निर्माण के लिए 30 दिनों की समयसीमा

महापौर ने अधिकारियों को सड़क का शेष निर्माण कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

सड़क निर्माण में देरी होने से स्थानीय नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अधूरी सड़कों और खराब पैचवर्क के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।

ऐसे में महापौर ने कार्य में तेजी लाने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

हालांकि सड़क निर्माण परियोजना की कुल लागत, लंबाई और अब तक हुए कार्य की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

काम पूरा नहीं हुआ तो लाएंगे निंदा प्रस्ताव

निरीक्षण के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित 30 दिनों के भीतर सड़क का बचा हुआ काम पूरा नहीं किया गया, तो वे निंदा प्रस्ताव लाएंगे।

महापौर की इस चेतावनी को निर्माण कार्य में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निंदा प्रस्ताव लाने की चेतावनी से यह संकेत मिलता है कि महापौर निर्माण कार्यों में देरी को गंभीरता से ले रहे हैं।

हालांकि प्रस्ताव किस स्तर पर और किन अधिकारियों के संबंध में लाया जाएगा, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

डामरीकरण में देरी पर जताई नाराजगी

महापौर ने सड़क के डामरीकरण में हो रही देरी पर भी असंतोष व्यक्त किया।

डामरीकरण सड़क निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे सड़क की सतह को बेहतर बनाने और वाहनों के आवागमन को सुगम करने में मदद मिलती है।

यदि डामरीकरण का काम समय पर पूरा नहीं होता, तो सड़क निर्माण परियोजना अधूरी रह सकती है।

महापौर ने अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि सड़क बनने के बाद जल्द खराब होने जैसी समस्याएं सामने न आएं।

पैचवर्क की खराब गुणवत्ता पर सवाल

निरीक्षण के दौरान सड़क पर किए गए पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर भी महापौर ने नाराजगी जताई।

सड़कों पर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए पैचवर्क किया जाता है। यदि यह काम सही तरीके से नहीं किया जाए, तो कुछ समय बाद सड़क दोबारा खराब हो सकती है।

महापौर ने खराब गुणवत्ता वाले कार्यों पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और निर्माण में सुधार की आवश्यकता जताई।

उन्होंने संकेत दिया कि केवल काम पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए।

शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता सीधे नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी होती है।

साफ-सफाई की कमी पर भी अधिकारियों को फटकार

सड़क निर्माण के साथ महापौर ने मनीषपुरी इलाके में साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया।

इस दौरान सफाई व्यवस्था में कमी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।

महापौर ने अधिकारियों को क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

शहर में सड़क निर्माण के दौरान मलबे, धूल और अन्य सामग्री के कारण आसपास की सफाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए निर्माण कार्य के साथ सफाई व्यवस्था बनाए रखना भी आवश्यक है।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

कार्यालय में नहीं, मौके पर जाकर करें निगरानी

निरीक्षण के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर निर्माण कार्यों की समीक्षा करने तक सीमित न रहें।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद निर्माण स्थलों पर जाएं और वहां चल रहे काम की वास्तविक स्थिति देखें।

उनका जोर इस बात पर था कि मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जांच की जाए।

मैदानी निरीक्षण से निर्माण कार्य में आने वाली समस्याओं की पहचान समय रहते की जा सकती है।

इसके अलावा संबंधित अधिकारियों की नियमित मौजूदगी से ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही भी बेहतर हो सकती है।

दिवाली के बाद सड़क उद्घाटन की तैयारी के निर्देश

महापौर ने अधिकारियों को दिवाली के बाद सड़क के उद्घाटन की तैयारी करने के निर्देश भी दिए।

इससे स्पष्ट है कि नगर निगम प्रशासन सड़क निर्माण को जल्द पूरा करने पर जोर दे रहा है।

हालांकि उद्घाटन की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

सड़क के शेष कार्य को पूरा करने, डामरीकरण और गुणवत्ता संबंधी कमियों को दूर करने के बाद ही उद्घाटन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

महापौर के निर्देशों के बाद अब संबंधित अधिकारियों को निर्माण की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

शहर के विकास कार्यों में जवाबदेही पर जोर

इंदौर में सड़क निर्माण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल हैं।

ऐसे कार्यों में देरी होने पर आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

महापौर का औचक निरीक्षण इस बात का संकेत है कि नगर निगम स्तर पर विकास कार्यों की प्रगति की सीधे निगरानी की जा रही है।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयसीमा और सफाई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

विशेष रूप से मनीषपुरी इलाके में सड़क का काम पूरा होने से स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नजर

मनीषपुरी में सड़क निर्माण की धीमी गति और खराब गुणवत्ता को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की नाराजगी के बाद अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी।

महापौर ने सड़क का बचा हुआ काम 30 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर निंदा प्रस्ताव लाने की चेतावनी दी है।

उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकलकर निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के लिए भी कहा है।

अब यह देखना होगा कि महापौर के निर्देशों के बाद सड़क निर्माण की गति कितनी तेज होती है और गुणवत्ता संबंधी कमियों को किस प्रकार दूर किया जाता है।

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