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मध्य प्रदेश
एशियन गेम्स में मनीषा ने रचा इतिहास ट्रैप टीम को दिलाया सिल्वर
Ratna Netam
29 Sept 2026 5:47 PM IST

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भोपाल : जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। मंगलवार को महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में भारत की मनीषा ने नीरू और आशीमा अहलावत के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों के परिवारों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। भोपाल की रहने वाली मनीषा के परिवार ने उनकी सफलता पर गर्व जताया और उनके लंबे खेल सफर को याद किया।
महिला ट्रैप टीम इवेंट में मनीषा, नीरू और आशीमा अहलावत की भारतीय तिकड़ी ने बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। तीनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन के दम पर भारत ने सिल्वर मेडल हासिल किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना भारतीय शूटिंग टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मनीषा की इस सफलता के बाद भोपाल में उनके परिवार और परिचितों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला।
मनीषा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में शूटिंग के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया था। शुरुआत से ही उनमें निशानेबाजी को लेकर खास रुचि और प्रतिभा दिखाई दी। उन्होंने भोपाल के बिशानखेड़ी स्थित शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया। यहीं से उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिला और धीरे-धीरे उन्होंने प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
मनीषा के पिता कैलाश कीर ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि मनीषा ने जब पहली बार शूटिंग अकादमी में ट्रायल दिया था, तभी उनका चयन हो गया था। परिवार के लिए यह पल बेहद खास था, क्योंकि उसी समय उन्हें एहसास हो गया था कि मनीषा में इस खेल में आगे बढ़ने की क्षमता है।
कैलाश कीर ने कहा कि मनीषा ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से देश, अपने कोच और परिवार का नाम रोशन किया है। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि मनीषा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में शूटिंग शुरू करने के बाद मनीषा ने लगातार अभ्यास जारी रखा और प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
मनीषा के खेल सफर में शूटिंग अकादमी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। बिशानखेड़ी स्थित अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने शूटिंग की तकनीक को समझा और अपने निशाने को लगातार बेहतर किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक नियमित अभ्यास, मानसिक मजबूती और अनुशासन की जरूरत होती है। मनीषा ने भी अपने खेल करियर में इन्हीं बातों पर ध्यान केंद्रित किया और अब एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया है।
परिवार के मुताबिक, मनीषा ने शूटिंग में कदम रखने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। शुरुआती चयन के बाद उन्होंने विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और लगातार अनुभव हासिल किया। समय के साथ उनके खेल में सुधार होता गया और पदकों की संख्या भी बढ़ती गई। एशियन गेम्स में मिला यह सिल्वर मेडल उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
महिला ट्रैप शूटिंग में खिलाड़ियों को बेहद कम समय में लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाना होता है। ऐसे मुकाबलों में एक छोटी सी चूक भी टीम के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। इसके बावजूद मनीषा, नीरू और आशीमा अहलावत की तिकड़ी ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए रजत पदक सुनिश्चित किया। टीम इवेंट में सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होता है और भारतीय निशानेबाजों ने सामूहिक प्रयास से यह सफलता हासिल की।
मनीषा की उपलब्धि मध्य प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय बन गई है। भोपाल में प्रशिक्षण लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली मनीषा ने यह साबित किया है कि नियमित मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण और लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखने से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनके परिवार का कहना है कि मनीषा की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और खेल के प्रति उनका समर्पण है।
एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद मनीषा से आने वाली प्रतियोगिताओं में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है। उनके परिवार ने भरोसा जताया है कि वह आगे भी देश के लिए पदक जीतती रहेंगी। मनीषा, नीरू और आशीमा अहलावत की इस उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी को एक और अंतरराष्ट्रीय सफलता दिलाई है और देश के खेल प्रेमियों को गर्व करने का मौका दिया है।
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