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इंदौर ACP रैंकिंग में मल्हारगंज टॉप, संयोगितागंज सबसे नीचे

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने सोमवार को मार्च महीने के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) की परफॉर्मेंस रैंकिंग जारी की। इस रैंकिंग में मल्हारगंज डिवीजन के ACP ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि संयोगितागंज डिवीजन के ACP अंतिम स्थान पर रहे।
यह मूल्यांकन एक तयशुदा प्रणाली के तहत किया गया है, जिसे पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिसिंग की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, अपराध नियंत्रण को मजबूत करना और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मासिक समीक्षा का मुख्य लक्ष्य पुलिस बल को अधिक प्रभावी, जिम्मेदार और जनता-केंद्रित बनाना है। इसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई, केस डिस्पोजल और फील्ड परफॉर्मेंस जैसे कई मानकों को आधार बनाया जाता है।
मार्च महीने की इस रैंकिंग में कमिश्नरेट के सभी 12 डिवीजनों का मूल्यांकन किया गया। इसमें ACP मल्हारगंज ने बेहतर कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण और समय पर कार्रवाई के आधार पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
रिपोर्ट के अनुसार, मल्हारगंज डिवीजन के ACP विवेक सिंह चौहान को इस महीने का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला अधिकारी घोषित किया गया। उनके क्षेत्र में पुलिसिंग गतिविधियों, केस निपटान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों को बेहतर माना गया।
वहीं दूसरी ओर, संयोगितागंज डिवीजन का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, जिसके चलते उसे अंतिम स्थान मिला। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की रैंकिंग का उद्देश्य किसी अधिकारी को नकारात्मक रूप से देखना नहीं, बल्कि सुधार की दिशा में प्रेरित करना है।
पुलिस कमिश्नरेट की इस पहल को आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिकारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा होती है, बल्कि विभाग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस रैंकिंग प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा और मूल्यांकन के मानकों को और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिलने की उम्मीद है।
इस तरह की मासिक रिपोर्टिंग से पुलिस विभाग में जवाबदेही बढ़ती है और फील्ड स्तर पर सुधार की प्रक्रिया तेज होती है।





