मध्य प्रदेश

राज्य मंत्रिमंडल की बड़ी मंज़ूरी: 30,055 करोड़ के विकास एवं सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को हरी झंडी

Kavita2
21 May 2026 10:14 AM IST
राज्य मंत्रिमंडल की बड़ी मंज़ूरी: 30,055 करोड़ के विकास एवं सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को हरी झंडी
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : राज्य सरकार ने जन कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कुल 30,055 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्तावों को मंज़ूरी प्रदान की। इस फैसले का बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा और कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित है, जिससे बुज़ुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और श्रमिक वर्ग को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

मंज़ूर की गई कुल राशि में से 15,184 करोड़ रुपये विशेष रूप से पेंशन और सामाजिक सहायता योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी जीवन स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना को अगले पाँच वर्षों तक जारी रखने के लिए 2,123.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु की वे महिलाएँ, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हैं, उन्हें हर महीने 600 रुपये की पेंशन दी जाती है। सरकार का उद्देश्य इस सहायता के माध्यम से विधवा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

इसके अलावा, एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना को भी जारी रखने के लिए 13,061 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत बुज़ुर्गों, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह कदम सामाजिक सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 156 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई है। इसके तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर चलाया जाएगा।

इसके साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम को मार्च 2031 तक लागू रखने के लिए 360 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस अधिनियम के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है, जिससे प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।

श्रम विभाग से संबंधित योजनाओं के लिए भी 1,779.07 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करना, उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

इसके अतिरिक्त, अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के कार्यों को मार्च 2030-31 तक जारी रखने के लिए 348.38 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई है। यह संस्थान नीति निर्माण, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कुल मिलाकर, मंत्रिमंडल के इस फैसले को सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक व्यापक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य में विभिन्न वर्गों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।

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