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भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को पांच भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर कार्यरत मलय जैन को बालाघाट जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें बालाघाट स्थित विशेष नक्सल विरोधी इकाई 'हॉक फोर्स' के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार के इस फैसले को पुलिस प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी मलय जैन को अस्थायी रूप से बालाघाट जिले की कमान सौंपी गई है। वह अब जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा हॉक फोर्स के सेनानी के रूप में उन्हें एक महत्वपूर्ण विशेष सुरक्षा इकाई का नेतृत्व भी करना होगा।
दरअसल, बालाघाट जिले में पुलिस अधीक्षक का पद हाल ही में हुए तबादले के बाद खाली हो गया था। राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर 2026 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का स्थानांतरण देवास जिले में कर दिया था। उन्हें देवास का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। इसके बाद बालाघाट में नए एसपी की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। अब करीब नौ दिन बाद मलय जैन की नियुक्ति से जिले को नया पुलिस प्रमुख मिल गया है।
बालाघाट मध्य प्रदेश के सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील जिलों में शामिल है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमाओं के निकट स्थित इस जिले के कई वन क्षेत्रों में पूर्व में नक्सली गतिविधियों की चुनौती रही है। ऐसे में यहां पुलिस अधीक्षक की भूमिका सामान्य कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मलय जैन को हॉक फोर्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने का भी विशेष महत्व है। हॉक फोर्स मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष इकाई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों और संबंधित गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस इकाई का नेतृत्व करते हुए जैन को जिला पुलिस और विशेष सुरक्षा बल के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से दोनों जिम्मेदारियां एक ही अधिकारी को सौंपे जाने से सुरक्षा संबंधी निर्णयों में बेहतर तालमेल की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, नई व्यवस्था के वास्तविक परिणाम आने वाले समय में जिले की सुरक्षा स्थिति और प्रशासनिक कामकाज के आधार पर सामने आएंगे।
गृह विभाग के इस आदेश में केवल मलय जैन की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि चार अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें चंबल जोन के पुलिस महानिरीक्षक सचिन कुमार अतुलकर, उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर की पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह और भोपाल में विशेष सशस्त्र बल की 25वीं वाहिनी के सेनानी नगेंद्र सिंह शामिल हैं।
वर्ष 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी सचिन कुमार अतुलकर वर्तमान में चंबल जोन, मुरैना के पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने उन्हें उनके मौजूदा पद के साथ पुलिस महानिरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (विसबल), ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस नई जिम्मेदारी के बाद अतुलकर को चंबल जोन के पुलिस प्रशासन के साथ विशेष सशस्त्र बल से संबंधित कार्यों की भी देखरेख करनी होगी।
इसी प्रकार उज्जैन जिले के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को 32वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, उज्जैन के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्ष 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी शर्मा अपने वर्तमान पद पर बने रहेंगे और अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इसके चलते जिला पुलिस और विशेष सशस्त्र बल से संबंधित दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व उनके पास रहेंगे।
गृह विभाग ने आईपीएस अधिकारी वाहनी सिंह को भी नई जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में वह पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC), इंदौर में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें पुलिस अधीक्षक, नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आदेश के अनुसार, इस बदलाव के बाद आईपीएस अधिकारी अभिषेक आनंद को नारकोटिक्स मंदसौर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाएगा।
नारकोटिक्स विभाग की जिम्मेदारी नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों की रोकथाम और संबंधित प्रवर्तन गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मंदसौर और आसपास का क्षेत्र अफीम की वैध खेती तथा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के कारण इस विभाग के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में नए अतिरिक्त प्रभार के बाद विभागीय कामकाज का संचालन वाहनी सिंह की निगरानी में होगा।
वहीं, वर्ष 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी नगेंद्र सिंह को भी नई जिम्मेदारी मिली है। वह वर्तमान में भोपाल स्थित विशेष सशस्त्र बल की 25वीं वाहिनी के सेनानी के पद पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने उन्हें पुलिस अधीक्षक, रेल भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसके बाद वह अपने मौजूदा दायित्वों के साथ रेलवे क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालेंगे।
रेल पुलिस की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे परिसरों में अपराध नियंत्रण और रेल यात्रा के दौरान होने वाली आपराधिक घटनाओं से संबंधित कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद नगेंद्र सिंह को दोनों पदों के बीच प्रशासनिक समन्वय बनाए रखना होगा।
मध्य प्रदेश सरकार के इस आदेश से स्पष्ट है कि पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। एक ओर बालाघाट जैसे संवेदनशील जिले में नए पुलिस अधीक्षक की तैनाती की गई है, वहीं दूसरी ओर चंबल, ग्वालियर, उज्जैन, मंदसौर और भोपाल से जुड़ी महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है।
फिलहाल इस प्रशासनिक बदलाव का सबसे प्रमुख पहलू मलय जैन की बालाघाट में नियुक्ति है। उन्हें जिला पुलिस और हॉक फोर्स, दोनों की कमान संभालनी होगी। अब उनके सामने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।





