मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में बड़ा पुलिस फेरबदल, 65 IPS और SPS अधिकारियों का तबादला

Kavita2
28 Jun 2026 9:31 AM IST
मध्य प्रदेश में बड़ा पुलिस फेरबदल, 65 IPS और SPS अधिकारियों का तबादला
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य में पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस व्यापक तबादला सूची में कुल 65 IPS और स्टेट पुलिस सर्विस (SPS) अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस कदम को राज्य में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम निर्णय माना जा रहा है।

सरकारी आदेश के अनुसार, कई जिलों और पुलिस इकाइयों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट, धार, शिवपुरी, खरगोन, नीमच, सिंगरौली, छिंदवाड़ा और सागर जैसे प्रमुख जिलों के अधिकारी शामिल हैं। इनमें ACP, DSP, SDOP, CSP और असिस्टेंट कमांडेंट स्तर के कई अधिकारी प्रभावित हुए हैं।

तबादले की सूची में प्रमुख नामों में विवेक सिंह चौहान, जो वर्तमान में ACP मल्हारगंज, इंदौर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी तरह रवि प्रकाश सिंह भदौरिया, जो मुरैना के अंबाह में SDOP के पद पर तैनात थे, उन्हें ग्वालियर के यूनिवर्सिटी क्षेत्र में सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (CSP) की जिम्मेदारी दी गई है।

इंदौर में तैनात तुषार सिंह, जो संयोगितागंज क्षेत्र में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब इंदौर अर्बन में ही असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में नई भूमिका दी गई है। यह बदलाव शहर की पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

भोपाल पुलिस मुख्यालय में तैनात आकाश अमलकर, जो DSP के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब बालाघाट स्थित हॉक फोर्स में असिस्टेंट कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, छिंदवाड़ा में एक्टिंग SDOP के रूप में कार्यरत अजय सिंह राणा को पुलिस मुख्यालय भोपाल में एक्टिंग DSP के पद पर स्थानांतरित किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह तबादला प्रक्रिया लंबे समय से लंबित प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल में कार्यकुशलता बढ़ाना और जिलों में कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत करना है। अधिकारियों को उनकी कार्यक्षमता, अनुभव और आवश्यक प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर नई पोस्टिंग दी गई है।

इस बड़े फेरबदल में केवल कुछ चुनिंदा अधिकारी ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के विभिन्न पुलिस रेंज और जिलों में व्यापक स्तर पर बदलाव किया गया है। खासकर उन जिलों में जहां कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियां अधिक रही हैं, वहां नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।

भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में पुलिस प्रशासन को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं, बालाघाट और छिंदवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए किए जाते हैं, ताकि पुलिसिंग प्रणाली में नई ऊर्जा और बेहतर कार्यप्रणाली विकसित की जा सके। इससे फील्ड स्तर पर कानून व्यवस्था की निगरानी और अपराध नियंत्रण में भी सुधार की उम्मीद की जाती है।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित जिलों में नई तैनाती को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही अधिकारी अपने-अपने पदों पर कार्यभार ग्रहण करेंगे।

इस प्रकार मध्य प्रदेश में हुआ यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल राज्य की पुलिस व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता पर देखने को मिल सकता है।

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