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इंदौर : शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अब शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर बाएं मुड़ने वाले रास्तों (लेफ्ट टर्न) को चौड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर ज़ेबरा क्रॉसिंग, रोड मार्किंग और बेहतर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था लागू की जाएगी।
यह निर्णय सोमवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में जिले में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा की
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर और जिले की ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा यातायात स्थिति, जाम वाले क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित स्थानों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने कहा कि शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
चौराहों पर चौड़े होंगे लेफ्ट टर्न
बैठक में सबसे अहम निर्णय शहर के प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने का लिया गया। प्रशासन का मानना है कि कई चौराहों पर बाएं मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहन रुक जाते हैं और जाम की स्थिति बनती है।
लेफ्ट टर्न चौड़े होने से वाहन चालकों को आसानी होगी और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
इसके अलावा चौराहों पर सही तरीके से ट्रैफिक सिग्नल लगाने और उनकी टाइमिंग को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
ई-रिक्शा की आवाजाही होगी नियंत्रित
कलेक्टर ने मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए ई-रिक्शा की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित किया जाए, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
प्रशासन अब ई-रिक्शा के रूट और संचालन व्यवस्था की समीक्षा करेगा, जिससे यात्रियों को सुविधा भी मिले और ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर बनी रहे।
ज़ेबरा क्रॉसिंग और रोड मार्किंग पर जोर
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख स्थानों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग और रोड मार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी ट्रैफिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसलिए स्कूल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्पष्ट रोड मार्किंग और पैदल पार पथ बनाए जाएंगे।
इससे सड़क पार करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
ब्लैक स्पॉट की होगी पहचान
बैठक में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे स्थानों का सर्वे कर वहां आवश्यक सुधार किए जाएं। इनमें सड़क की मरम्मत, संकेतक लगाना, लाइट व्यवस्था और गति नियंत्रण जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती पर जोर
कलेक्टर ने प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल नियम बनाने से व्यवस्था बेहतर नहीं होगी, बल्कि उनका प्रभावी पालन भी जरूरी है।
ट्रैफिक पुलिस को जाम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय
जिला प्रशासन का कहना है कि बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था में लगातार सुधार की जरूरत है।
बैठक में लिए गए फैसलों को जल्द लागू करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा। संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों को मिलेगी राहत
प्रशासन के इन फैसलों से उम्मीद है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम होगी। लेफ्ट टर्न चौड़े होने, बेहतर सिग्नल व्यवस्था और रोड मार्किंग से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि इन योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।





