मध्य प्रदेश

जबलपुर की पारले-जी फैक्ट्री में भीषण आग

Rajeshwari Nishad
20 Oct 2026 3:11 PM IST
जबलपुर की पारले-जी फैक्ट्री में भीषण आग
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जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार को एक बड़ी अग्नि दुर्घटना से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अधारताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत रिछाई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री से उठती आग की लपटें और धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फैक्ट्री में आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई। आग की भयावहता को देखते हुए घटना ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि, आग से हुए कुल नुकसान, किसी के घायल होने या हताहत होने और आग पर काबू पाने की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
जबलपुर का रिछाई क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां कई तरह की फैक्ट्रियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। ऐसे क्षेत्र में किसी बड़ी फैक्ट्री में आग लगने की घटना से आसपास के कारोबार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा होना स्वाभाविक है।
सोमवार को पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में आग लगने के बाद आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया। आग की लपटें दूर से दिखाई देने के कारण आसपास के लोगों को घटना की गंभीरता का अंदाजा हुआ। फैक्ट्री परिसर में आग फैलने की सूचना से क्षेत्र में हलचल बढ़ गई।
औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाएं कई बार आसपास की संपत्तियों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में समय पर अग्निशमन दल की पहुंच, सुरक्षित निकासी और आग के फैलाव को रोकने के उपाय बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा आग का कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकती है। जांच में विद्युत उपकरणों, वायरिंग और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा सकती है।
औद्योगिक इकाइयों में बड़ी संख्या में बिजली से चलने वाली मशीनें और उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं। यदि विद्युत व्यवस्था में खराबी आ जाए या वायरिंग में समस्या हो, तो आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर ऐसे परिसरों में जहां बड़ी मात्रा में कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और तैयार उत्पाद रखे जाते हैं, आग तेजी से फैलने की आशंका रहती है।
इसलिए फैक्ट्रियों में नियमित विद्युत जांच, उपकरणों का रखरखाव और अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजाम जरूरी माने जाते हैं। हालांकि, रिछाई स्थित फैक्ट्री में आग किस स्थान से शुरू हुई और किस कारण तेजी से फैली, इसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार
घटना के दौरान फैक्ट्री से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। आग की तीव्रता के कारण आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों का ध्यान इसकी ओर गया।
किसी औद्योगिक इकाई में आग लगने पर धुएं का फैलाव आसपास के लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जरूरत के अनुसार लोगों को घटनास्थल से दूर रहने और राहत एवं बचाव कार्य में बाधा नहीं डालने की सलाह दी जाती है।
फैक्ट्री में आग लगने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चुनौती आग को नियंत्रित करना और उसे आसपास की इकाइयों तक फैलने से रोकना होती है। इसके लिए अग्निशमन दल को आग के स्रोत, परिसर की बनावट और उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों के अनुसार कार्रवाई करनी पड़ती है।
आग से नुकसान का आकलन करना जरूरी
फैक्ट्री में लगी आग से मशीनों, कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री और तैयार बिस्किटों को नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा।
इसके अलावा, यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि आग लगने के समय फैक्ट्री में कितने कर्मचारी मौजूद थे और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल पाए या नहीं। किसी के घायल होने अथवा हताहत होने के बारे में जानकारी मिलने पर उसकी पुष्टि प्रशासन या पुलिस के आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए।
औद्योगिक आग की घटनाओं में संपत्ति के नुकसान के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसलिए राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना महत्वपूर्ण रहता है।
औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा क्यों जरूरी?
जबलपुर की इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में आग से बचाव के इंतजामों के महत्व को फिर रेखांकित किया है। फैक्ट्रियों में अग्निशमन उपकरण, अलार्म सिस्टम, सुरक्षित निकासी मार्ग और बिजली की नियमित जांच जैसी व्यवस्थाएं दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती हैं।
इसके साथ ही कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने और आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास और उपकरणों की जांच भी जरूरी है।
फिलहाल, रिछाई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में आग लगने की घटना ने जबलपुर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। आग लगने के कारणों, नुकसान और अन्य परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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