मध्य प्रदेश

इंदौर में EOW की बड़ी कार्रवाई, MY अस्पताल के फार्मासिस्ट के घर छापा

Kavita2
5 Aug 2026 2:20 PM IST
इंदौर में EOW की बड़ी कार्रवाई, MY अस्पताल के फार्मासिस्ट के घर छापा
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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने मंगलवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल में पदस्थ एक फार्मासिस्ट के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की। EOW की टीम ने फार्मासिस्ट के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की, जिसमें प्रारंभिक जांच में उनकी घोषित आय की तुलना में 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है।

EOW के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और गोपनीय जांच के बाद की गई। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि MY अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट राकेश गोर्खे ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई की गई।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक चल और अचल संपत्तियां बनाई हैं। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।

EOW का आरोप है कि राकेश गोर्खे ने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अस्पताल में सरकारी दवाओं के स्टॉक और वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताएं कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया और उसी धन से संपत्ति बनाई।

जांच अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दवाओं के स्टॉक में गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी के दौरान EOW की टीम ने आरोपी के आवास और अन्य संबंधित परिसरों की तलाशी ली। इस दौरान बैंक खातों, निवेश, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, नकदी, आभूषण और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की गई। एजेंसी अब इन सभी दस्तावेजों का मिलान आरोपी की घोषित आय और सेवा रिकॉर्ड से कर रही है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक मूल्यांकन में आरोपी की संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक पाई गई है। हालांकि अंतिम आंकड़े विस्तृत जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होंगे।

EOW ने बताया कि भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी वित्तीय स्रोतों की जांच की जाती है। इसमें बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों, वाहन, बीमा, शेयर और अन्य परिसंपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाती है।

महाराजा यशवंतराव अस्पताल मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे संस्थान में पदस्थ किसी कर्मचारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा का विषय बना दिया है।

सूत्रों के अनुसार, EOW अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने कथित रूप से अर्जित संपत्ति अपने नाम के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों या परिचितों के नाम पर तो नहीं बनाई। यदि ऐसी कोई जानकारी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में वित्तीय जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल EOW की जांच जारी है और एजेंसी सभी दस्तावेजों तथा बरामद साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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