मध्य प्रदेश

जहरीली शराब से 19 मौतों के बाद बड़ा फैसला, ‘सागर गोल्ड’ की बिक्री पर पूरी तरह रोक

Kavita2
7 Sept 2026 4:36 PM IST
जहरीली शराब से 19 मौतों के बाद बड़ा फैसला, ‘सागर गोल्ड’ की बिक्री पर पूरी तरह रोक
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जबलपुर। सागर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों के बाद आबकारी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जबलपुर जिले में 'सागर गोल्ड' नाम से बेची जाने वाली शराब की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह आदेश जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त संजीव कुमार दुबे ने 6 सितंबर को जारी किया। विभाग ने जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले की सभी शराब दुकानों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सागर में 'सागर गोल्ड' शराब के कथित सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई। 19 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों के अस्पताल पहुंचने की सूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। इसी घटनाक्रम को देखते हुए जबलपुर आबकारी विभाग ने एहतियात के तौर पर संबंधित शराब की बिक्री रोकने का फैसला किया।

सभी शराब दुकानों पर बिक्री बंद

आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद जबलपुर जिले की सभी लाइसेंसी शराब दुकानों पर 'सागर गोल्ड' की बिक्री रोक दी गई है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संदिग्ध शराब की कोई बोतल उपभोक्ताओं तक न पहुंचे।

दुकान संचालकों को निर्देश दिया गया है कि अगले आदेश तक इस उत्पाद की बिक्री न की जाए। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

आबकारी विभाग के अधिकारी जिले में मौजूद संबंधित शराब के स्टॉक पर भी नजर रख सकते हैं, ताकि प्रतिबंध के बावजूद उसकी बिक्री न हो।

6 सितंबर को जारी किया आदेश

जबलपुर के असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर संजीव कुमार दुबे की ओर से 6 सितंबर को बिक्री रोकने का आदेश जारी किया गया। यह फैसला सागर से सामने आई गंभीर घटना के बाद लिया गया।

अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जब तक शराब की गुणवत्ता और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक इसकी बिक्री पर प्रतिबंध एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

19 लोगों की मौत की खबर से हड़कंप

रिपोर्ट्स के अनुसार, सागर में कथित जहरीली शराब के सेवन से 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की खबर ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी।

हालांकि मौतों के वास्तविक कारण, प्रभावित लोगों द्वारा सेवन किए गए उत्पाद और शराब में संभावित जहरीले तत्वों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

शराब की गुणवत्ता की जांच अहम

इस तरह की घटनाओं में शराब के नमूनों की प्रयोगशाला जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि शराब में कोई जहरीला या निर्धारित मानकों से अलग तत्व मौजूद था या नहीं।

यदि किसी विशेष बैच को लेकर शिकायत सामने आती है तो उसकी उत्पादन इकाई से लेकर थोक और खुदरा वितरण तक की सप्लाई चेन की जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संदिग्ध उत्पाद किन-किन क्षेत्रों और दुकानों तक पहुंचा।

इसके अलावा बोतलों के बैच नंबर, निर्माण की तारीख और वितरण रिकॉर्ड भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

अस्पतालों में भर्ती लोगों पर नजर

कथित जहरीली शराब से प्रभावित होकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

जहरीली शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए प्रभावित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण और उचित उपचार प्राथमिकता होती है।

प्रशासन के सामने अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के साथ यह पता लगाने की भी चुनौती है कि कहीं अन्य लोगों ने भी उसी संदिग्ध शराब का सेवन तो नहीं किया।

सप्लाई चेन की जांच हो सकती है महत्वपूर्ण

जबलपुर में बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि 'सागर गोल्ड' का स्टॉक किन-किन क्षेत्रों में पहुंचा है। यदि सागर की घटना में किसी खास बैच की भूमिका सामने आती है तो उसकी सप्लाई चेन का पता लगाना जरूरी होगा।

आबकारी विभाग वितरण से जुड़े रिकॉर्ड के जरिए संबंधित शराब के स्टॉक की जानकारी जुटा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध स्टॉक को अलग रखकर नमूने जांच के लिए भेजे जा सकते हैं।

जनस्वास्थ्य को देखते हुए एहतियाती कदम

आबकारी विभाग ने स्पष्ट रूप से जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंता को ध्यान में रखते हुए बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। किसी उत्पाद की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका होने पर उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकना तत्काल उपाय माना जाता है।

फिलहाल जबलपुर में 'सागर गोल्ड' शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आगे इसका प्रतिबंध कब तक जारी रहेगा, यह संबंधित जांच और विभाग के अगले आदेश पर निर्भर करेगा।

जांच के नतीजों पर टिकी नजर

अब सबसे ज्यादा नजर सागर की घटना से संबंधित जांच पर रहेगी। यह स्पष्ट होना बाकी है कि लोगों की मौत और तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या था और इसमें कथित रूप से 'सागर गोल्ड' शराब की क्या भूमिका थी।

जांच में शराब के नमूनों, निर्माण और वितरण व्यवस्था तथा प्रभावित लोगों की मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। तब तक जबलपुर आबकारी विभाग ने एहतियात बरतते हुए जिले की सभी दुकानों पर इसकी बिक्री रोक दी है।

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