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सागर जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर को पुलिस ने बुधवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मनीष के साथ उसके सहयोगी आशीष साहू को भी पकड़ा गया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में मनीष के पैर में गोली लगी, जबकि आशीष भागने की कोशिश के दौरान घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार मनीष लोधी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। बुधवार तड़के पुलिस को मनीष और उसके साथी की मालथौन थाना क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।
Sagar, Madhya Pradesh: Police carried out a short encounter with wanted accused Manish Lodhi alias Yashwant in Sagar’s spurious liquor case that killed 20 people. Lodhi, carrying a Rs 30,000 reward, and associate Ashish Sahu were injured. Police said they opened fire first. Two… pic.twitter.com/sRa5gJutbx
— IANS (@ians_india) September 23, 2026
तड़के तीन बजे हुई मुठभेड़
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक, पुलिस टीम ने बुधवार तड़के करीब तीन बजे सागर से लगभग 50 किलोमीटर दूर नोनिया-सेसई रोड घाटी के पास मनीष लोधी और आशीष साहू को घेर लिया। पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही दोनों आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिसकर्मियों ने कथित फायरिंग के जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर गया। उसका साथी आशीष साहू मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन इस दौरान वह भी घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
दो देशी कट्टे और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की तलाशी ली गई। मौके से दो देशी कट्टे, पांच खाली कारतूस और एक बेसबॉल बैट बरामद किया गया। पुलिस ने हथियारों और अन्य सामान को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
बरामद हथियारों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वे आरोपियों तक कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान आरोपियों की तरफ से की गई कथित फायरिंग को लेकर भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
20 लोगों की मौत से जुड़ा मामला
मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर सागर जिले में सामने आए जहरीली शराब कांड में वांछित था। पुलिस के मुताबिक जहरीली शराब के सेवन से 20 लोगों की मौत के मामले में उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही थी।
इसी कार्रवाई के दौरान मनीष लोधी की मौजूदगी के बारे में पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद मालथौन थाना क्षेत्र में टीम भेजी गई और नोनिया-सेसई रोड घाटी के आसपास घेराबंदी की गई।
मनीष की तलाश में लगातार दबिश
जहरीली शराब कांड सामने आने के बाद से ही मनीष लोधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर उसकी जानकारी देने वालों से सहयोग की अपील भी की थी।
बुधवार सुबह मिली सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि दोनों संदिग्धों को घेरने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मनीष घायल हुआ।
अस्पताल में दोनों का इलाज
मुठभेड़ के बाद मनीष और आशीष को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक मनीष को पैर में गोली लगी है, जबकि आशीष को भागने की कोशिश के दौरान हाथ में चोट आई। दोनों का उपचार कराया जा रहा है।
चिकित्सकीय उपचार के बाद पुलिस मामले में दोनों से पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसियां जहरीली शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं।
दूसरे आरोपियों की भी तलाश जारी
सागर जहरीली शराब मामले में मनीष और आशीष की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस के मुताबिक इस मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सिद्धार्थ कुशवाहा समेत अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब का निर्माण कहां किया जा रहा था, इसकी सामग्री कहां से आती थी और इसे किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था।
जहरीली शराब नेटवर्क की जांच
20 लोगों की मौत के बाद यह मामला सागर पुलिस के लिए बड़ी जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है।
मनीष लोधी की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस उसे मामले का मुख्य आरोपी बता रही है। हालांकि उसके खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
फिलहाल मनीष और आशीष पुलिस की निगरानी में उपचार करा रहे हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस दोनों से आगे की पूछताछ करेगी। साथ ही बरामद हथियारों, कारतूस और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर मुठभेड़ तथा जहरीली शराब प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।





