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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए अधिकारियों को उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हादसे में घायल सभी लोगों को तत्काल और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मृतकों के परिजनों से संवाद कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, महाराजपुर थाना क्षेत्र के रूमा इलाके के पास सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो हाईवे किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी में बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान नरेश मांझी के आठ वर्षीय बेटे दिलखुश, उनकी 15 वर्षीय बेटी नेहा और हरियाणा के सिरसा निवासी बजरंग के रूप में हुई है। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक के नियंत्रण खोने की बात सामने आ रही है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रण, यातायात नियमों का पालन और सावधानी बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन घायलों के इलाज तथा पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।





