मध्य प्रदेश

इंदौर में RSS का महामंथन, मोहन भागवत समेत 400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Kavita2
4 Nov 2026 10:41 AM IST
इंदौर में RSS का महामंथन, मोहन भागवत समेत 400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श जारी है। डेली कॉलेज परिसर में सोमवार से शुरू हुई इस बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को भी देशभर से आए प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए डेली कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

आरएसएस की यह महत्वपूर्ण बैठक 2 नवंबर को डेली कॉलेज स्थित संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में शुरू हुई थी। बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। तीन दिवसीय बैठक 4 नवंबर की शाम तक चलेगी। इसमें संगठन के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, शाखा विस्तार, सामाजिक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की जा रही है।

बैठक में देशभर से लगभग 400 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इनमें आरएसएस के अखिल भारतीय पदाधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों और प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी तथा संघ से जुड़े कुछ अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से संबंधित पदाधिकारियों की भागीदारी इस बैठक को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनाती है।

बैठक में शामिल प्रतिनिधियों की दिनचर्या सुबह जल्दी शुरू हो रही है। पूरे दिन विभिन्न विषयों पर चर्चा और संगठनात्मक गतिविधियों का कार्यक्रम निर्धारित है। लगातार चल रहे विचार-विमर्श में पिछले एक वर्ष के कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी गतिविधियों की रूपरेखा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों के अनुभवों को साझा करना और संगठन की प्राथमिकताओं पर सामूहिक चर्चा करना है।

आरएसएस के अनुसार, इस वर्ष की बैठक में संगठन के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की समीक्षा प्रमुख विषयों में शामिल है। विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 के बीच आयोजित कार्यक्रमों और उनके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। साथ ही इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने के विषय पर भी विचार-विमर्श निर्धारित है।

बैठक में संगठन की ओर से चलाए जा रहे 'पंच परिवर्तन' अभियान पर विशेष चर्चा की जा रही है। संघ सामाजिक जीवन में व्यवहारगत बदलाव से जुड़े विषयों को महत्वपूर्ण मानता है। बैठक के दौरान इन विषयों को समाज के बीच अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और उनसे संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना पर विचार किया जाना है।

इसके अतिरिक्त आरएसएस की शाखाओं के विस्तार और उन्हें अधिक सक्रिय बनाने का मुद्दा भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। शताब्दी वर्ष के दौरान विभिन्न स्थानों पर शुरू की गई शाखाओं की समीक्षा की जाएगी। संगठन यह भी विचार करेगा कि नई शाखाओं को नियमित और प्रभावी बनाने के लिए किस प्रकार की गतिविधियां आवश्यक हैं।

संघ के मुताबिक, बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन में उठाए गए राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इन विषयों को लेकर संगठन की आगामी गतिविधियां क्या होंगी और विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें किस प्रकार आगे बढ़ाया जाएगा, इस संबंध में प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।

इंदौर में हो रही इस बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पदाधिकारी स्थानीय स्तर पर संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा कर रहे हैं। इससे विभिन्न राज्यों में किए गए कार्यों, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा का अवसर मिल रहा है।

बैठक के दूसरे दिन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रीय चेतना के विचारक राजनारायण बसु को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने राजनारायण बसु के योगदान का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय चेतना जगाने और समाज में आत्मविश्वास तथा स्वाभिमान की भावना विकसित करने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

आरएसएस की ओर से इस बैठक के दौरान तीन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर वक्तव्य जारी करने की भी जानकारी दी गई है। इनमें राजनारायण बसु, स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती शामिल हैं। संगठन इनके जीवन और योगदान से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों को ध्यान में रखते हुए अपने विचार प्रस्तुत करेगा।

बैठक स्थल पर संघ की 100 वर्षों की यात्रा को प्रदर्शित करने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें संगठन के इतिहास के साथ मालवा क्षेत्र में उसके कार्यों के विकास को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन 31 अक्टूबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया था।

दूसरी ओर, बैठक में आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी के कारण पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। डेली कॉलेज परिसर और आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में देशभर से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन भी संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। बैठक से निकलने वाले विचार और कार्ययोजनाएं आने वाले समय में आरएसएस की विभिन्न गतिविधियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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