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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस MLA बेंगलुरु में शिफ्ट, क्रॉस-वोटिंग से बचने के लिए सुरक्षा कड़ी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कांग्रेस ने अपने सभी 62 विधायक (MLA) को कर्नाटक के बेंगलुरु में शिफ्ट करने का फैसला किया है। इस कदम के पीछे मुख्य कारण क्रॉस-वोटिंग की आशंका और वोटिंग प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार के दबाव या प्रभावित होने की संभावना से बचना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेताओं को इस बात का डर था कि अगर विधायक अपने घरों पर रहते हैं या सामान्य माहौल में रहते हैं, तो उन्हें बाहरी दबाव या राजनीतिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी MLA एकजुट रहें और पार्टी लाइन के अनुसार वोट करें, उन्हें सुरक्षित और नियंत्रित माहौल में रखा।
इस दिशा में पार्टी ने भोपाल से एक विशेष चार्टर्ड फ्लाइट बुक की। फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य विधायक और उनके साथ आए स्टाफ व परिवार के सदस्यों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से बेंगलुरु पहुंचाना था। हालांकि, जब कई MLA अपने परिवार और स्टाफ के साथ एयरपोर्ट पहुंचे, तो कुल यात्रियों की संख्या 100 से अधिक हो गई। इससे फ्लाइट में सीटों की कमी हो गई और थोड़ी असुविधा पैदा हुई।
स्रोतों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तुरंत व्यवस्था बनाई और कुछ MLA को अगली उपलब्ध फ्लाइट में भेजा गया। इसके अलावा, बेंगलुरु में ठहरने की पूरी व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की गई थी, जिसमें होटल, भोजन और अन्य सुरक्षा इंतजाम शामिल थे। यह कदम कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि मतदान के समय पार्टी के विधायक किसी बाहरी प्रभाव के बिना सुरक्षित रूप से मतदान कर सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग अक्सर निर्णायक भूमिका निभाती है। इसलिए पार्टियां अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर रखना एक आम राजनीतिक रणनीति बन गई है। कांग्रेस ने भी यह सुनिश्चित किया है कि सभी MLA पार्टी के निर्देशानुसार मतदान करें और सीट जीतने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके।
पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि बेंगलुरु में रह रहे विधायक नियमित बैठकें कर रहे हैं और पार्टी के सीनियर नेताओं के संपर्क में हैं। यह कदम पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक क्षमता को दर्शाता है। इसके साथ ही, विधायकों को किसी भी तरह के दबाव से बचाने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
इस प्रकार, मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के चुनाव में कांग्रेस ने अपने विधायक सुरक्षा और एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए बेंगलुरु में उन्हें शिफ्ट करने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह राजनीतिक रणनीति चुनाव के परिणाम पर असर डाल सकती है और पार्टी की जीत की संभावनाओं को मजबूत कर सकती है।





